
बिहार में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है. गन्ना उद्योग विभाग ने सिंगल बड प्लांटलेट्स आधारित गन्ना नर्सरी स्थापना योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत किसानों को बेहतर और रोगमुक्त गन्ना पौधे मिलेंगे. इससे गन्ने की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा. साथ ही नई चीनी मिलों और पुरानी मिलों को फिर से शुरू करने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी. यह योजना आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे किसानों को समय पर अच्छी गुणवत्ता का बीज मिल सकेगा.
इस योजना के तहत हर नर्सरी में हर साल लगभग 5 लाख गन्ना पौधे तैयार किए जाएंगे. इन पौधों को प्लांटलेट्स कहा जाता है. इससे राज्य में रोगमुक्त और प्रमाणित गन्ना बीज की उपलब्धता बढ़ेगी. किसानों को इससे अच्छी फसल मिलेगी और उनकी पैदावार भी बढ़ेगी. यह योजना उन सवालों का भी जवाब देती है जिनमें गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन को लेकर चिंता जताई जा रही थी. अब किसानों को बेहतर पौधे आसानी से मिल सकेंगे और गन्ना खेती को बढ़ावा मिलेगा.
इस योजना के तहत सरकार किसानों और संस्थाओं को नर्सरी लगाने के लिए 75 प्रतिशत तक अनुदान देगी. यह अनुदान अधिकतम 11.25 लाख रुपये तक होगा. योजना का लाभ लेने के लिए प्रगतिशील किसान, एफपीओ, सहकारी समितियां और उद्यमी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन कैन केयर पोर्टल पर किया जाएगा. चयन प्रक्रिया एक समिति द्वारा तय मानकों के अनुसार की जाएगी. अनुदान की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी- 40 प्रतिशत, 40 प्रतिशत और 20 प्रतिशत. इससे योजना को सही तरीके से लागू किया जाएगा.
इस योजना से बिहार के गन्ना किसानों की स्थिति में सुधार होगा. उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाले बीज आसानी से मिलेंगे और उत्पादन बढ़ेगा. इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे. यह योजना आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देगी. किसानों को अब बेहतर बीज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा. इससे राज्य में गन्ना खेती का विकास तेज होगा और पूरे क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी.
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