बिहार के शहद को मिलेगी नई पहचान, किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी में सरकार

बिहार के शहद को मिलेगी नई पहचान, किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी में सरकार

बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, सरकार चाहती है कि किसानों को उनके शहद का बेहतर और ज्यादा दाम मिल सके. इसके लिए सरकार समितियां बना रही है.

प्राकृतिक शहदप्राकृतिक शहद
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 12, 2026,
  • Updated Mar 12, 2026, 10:55 AM IST

शहद उत्पादन करने वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार चाहती है कि किसानों को उनके शहद का बेहतर और ज्यादा दाम मिल सके. इसी उद्देश्य से सहकारिता विभाग ने 144 प्रखंड स्तर पर शहद उत्पादक और प्रसंस्करण समितियां बनाई हैं. ये समितियां किसानों को मिलकर काम करने, शहद का उत्पादन बढ़ाने, उसका प्रसंस्करण करने और बाजार में बेचने में मदद करेंगी. इससे किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा.

किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना

सरकार के प्रयास से राज्य स्तर पर बिहार राज्य शहद उत्पादक और प्रसंस्करण फेडरेशन भी बनाया गया है. यह फेडरेशन प्रखंड स्तर की सभी समितियों को एक साथ जोड़ने का काम करेगा. इसके जरिए शहद की गुणवत्ता बनाए रखने, ब्रांडिंग करने, बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने और निर्यात के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे शहद उत्पादक किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी.      

किसानों को मिलेगा तकनीकी सहायता

साथ ही कृषि विभाग, उद्योग विभाग और कॉम्फेड (सुधा) के बीच शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समेकित प्रयास करने पर सहमति बनी है. इससे किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और बाजार लिंकेज मिलेगा.

विशेष है बिहार का फसलों वाला शहद

मुजफ्फरपुर, वैशाली और समस्तीपुर लीची के अपने बड़े-बड़े बागों के लिए जाने जाते हैं. लीची का शहद बिहार के सबसे लोकप्रिय शहद में से एक है और अपने अनोखे स्वाद के लिए इसकी बहुत मांग है. सरसों का शहद व्यापक रूप से सरसों की खेती वाले क्षेत्रों जैसे नालंदा और पटना में उत्पादित किया जाता है, इसी तरह औरंगाबाद और रोहतास में तिल का शहद भी उत्पादित किया जाता है.

शहद उत्पादन में चौथे स्थान पर बिहार

बिहार में लीची, सरसों, तिल और सूरजमुखी जैसी फसलों की वजह से शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं. राज्य सरकार के प्रयास से बिहार शहद उत्पादन में निरंतर आगे बढ़ रहा है, देश में यह शहद उत्पादन में चौथे स्थान पर है. राज्य सरकार सहकारिता मॉडल के जरिए किसानों की मध्यस्थों पर निर्भरता कम करना चाहती है. सरकार की कोशिश है कि किसानों की पहुंच उपभोक्ताओं या बड़े खरीदारों तक हो ताकि उनकी कमाई में बढ़ोतरी हो. 

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