
भारत में पान की खेती कई राज्यों में की जाती है. वहीं, भारत में पान का एक अलग ही महत्व है. उसमें भी अगर बात मगही पान की हो तो क्या ही कहने. जैसे, उत्तर प्रदेश में बनारसी पान फेमस है, वैसे ही बिहार में मगही पान लोगों के दिलों पर राज करता है. यहां पर लोग मगही पान को बड़े ही चाव के साथ खाना पसंद करते हैं. इसको लेकर बिहार सरकार ने राज्य में मगही और देसी पान के क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए बड़ा अहम फैसला लिया है.
दरअसल, बिहार सरकार ने किसानों के लिए पान विकास योजना 2025-26 और 2026-27 शुरू की है. इस योजना के तहत किसानों को पान की खेती करने पर सब्सिडी दी जा रही है. पान की खेती पर सब्सिडी देने के पीछे सरकार का उद्देश्य राज्य में पान का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है.
राज्य सरकार ने पान विकास योजना के तहत 100 वर्ग मीटर में मगही और देसी पान की खेती पर इकाई लागत 11750 रुपये निर्धारित की है. यानी अगर किसान 100 वर्ग मीटर में मगही और देसी पान की खेती करते हैं, तो उन्हें 11750 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. बता दें कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं.
बिहार के 12 जिलों के किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इसमें औरंगाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, सारण वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मुंगेर और दरभंगा जिला शामिल हैं. बता दें कि इस योजना का लाभ FPC के सदस्य और व्यक्तिगत किसान दोनों ले सकते हैं. वहीं, इस योजना के लाभार्थियों का चयन लॉटरी के चयन से किया जाएगा.
बिहार के मशहूर मगही पान को ज्योग्राफिकल आइडेंटिफिकेशन टैग (GI Tag) भी मिल चुका है. मगही पान की अपनी एक अलग विशेषता है. साथ ही इस पान की मांग भी जबरदस्त है. लोग इसे आयुर्वेदिक औषधि और माउथ फ्रेशनर के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं.
यदि आप भी बिहार के किसान हैं और मगही और देसी पान की खेती करना चाहते हैं तो इसके लिए सरकार सब्सिडी मुहैया करा रही है. इसके लिए किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. इस सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए किसान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक पर विजिट कर सकते हैं. इसके अलावा किसान अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि या बागवानी विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं.