
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों का लाभ पहुंचाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा रहा है. इसी दिशा में संचालित सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है.
सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा की ग्राम पंचायत झेराडीह के प्रगतिशील किसान आनंद राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है. उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान तथा 0.400 हेक्टेयर में टमाटर और गोभी जैसी सब्जियों की खेती की जाती है.
उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की.इसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे आधुनिक तकनीक अपनाने की लागत काफी कम हो गई.
आनंद राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में अधिक पानी, समय और श्रम लगता था तथा खेत में समान रूप से सिंचाई करना कठिन होता था. ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पहुंचने लगा है. इससे पानी की बचत होने के साथ पौधों का विकास बेहतर हुआ है और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है.
उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है.पौधों को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर और गोभी की फसल अधिक स्वस्थ, गुणवत्तापूर्ण और अधिक उत्पादन देने वाली तैयार हो रही है. उत्पादन बढ़ने के साथ खेती की लागत में कमी आई है, जिससे सब्जी उत्पादन पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बन गया है.
राज्य सरकार सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लक्ष्य को साकार कर रही है. सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि को अपना रहे हैं. इससे खेती अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बन रही है.