
जयपुर जिले के बालूलाई गांव में रहने वाले कासन दामाराम पारंपरिक खेती करने वाले एक किसान हैं. खेतों में सिंचाई के लिए वे क्यारियां बनाकर पानी छोड़ते थे, लेकिन पानी की कमी के कारण अपनी 10 बीघा खेती में से आधी यानी पांच बीघा पर ही खेती कर पाते थे. कुछ समय पहले उन्होंने अपने खेतों में ड्रिप सिस्टम लगवाया है. इसके लिए उन्होंने राजस्थान सरकार की अनुदान योजना का फायदा लिया. वे कहते हैं, “ड्रिप संयंत्र लगने से अब कम पानी में अधिक खेती हो पा रही है. अब मैं पूरी 10 बीघा में गेहूं, मटर, मिर्च, ककड़ी, टमाटर की खेती कर रहा हूं. वैज्ञानिक खेती से अब मेरी आय भी बढ़ी है. साल में करीब 15 लाख रुपये की फसलें उठाता हूं और पशुओं के लिए चारा भी मिल जाता है.”
राजस्थान जैसे शुष्क प्रदेश में सिंचाई के साधन बेहद जरूरी हैं. इसीलिए राज्य सरकार कृषि संयंत्रों पर कई तरह का अनुदान दे रही है. इसका लाभ उठाकर दामाराम जैसे किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है. किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने, आमदनी बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई मिशन चलाया है. इसके तहत किसानों को सिंचाई की उन्नत तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम पानी में भी अच्छी उपज मिले. इससे किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं. खेतों में उपज बढ़ी है और किसानों की आय में इजाफा हुआ भी हो रहा है.
कृषि विभाग का दावा है कि खेती में नवाचारों से कृषि के क्षेत्र में राजस्थान मॉडल स्टेट बनकर उभर रहा है. राज्य सोलर पंप संयंत्र स्थापित करने में देश में पहले पायदान पर है. वहीं सूक्ष्म सिंचाई मिशन के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर संयंत्रों की स्थापना में भी राज्य देश में शीर्ष स्थान पर है.
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कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार सूक्ष्म सिंचाई मिशन के तहत पिछले चार साल में दो लाख 82 हजार 291 किसानों को 736 करोड़ 18 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है. संयंत्र स्थापित कर किसान तीन लाख 78 हजार 550 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई कर रहे हैं. इसमें से स्प्रिंकलर संयंत्र पर 157 करोड़ 18 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है और एक लाख 79 हजार 773 किसानों ने यह संयंत्र स्थापित किया है. इससे प्रदेशभर में दो लाख 48 हजार 514 हैक्टेयर क्षेत्र में स्प्रिंकलर से सिंचाई की जा रही है.
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वहीं, ड्रिप संयंत्र स्थापित करने के लिए एक लाख दो हजार 518 किसानों को 579 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है. इससे राजस्थान में एक लाख 30 हजार 36 हैक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप से सिंचाई की जा रही है.
बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कृषि बजट घोषणा 2022-23 में चार लाख किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर संयंत्र से सिंचाई की व्यवस्था के लिए एक हजार 705 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की थी. इसी के तहत किसानों को सब्सिडी दी जा रही है.
राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन के अंतर्गत ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर एवं स्प्रिंकलर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत एवं महिला किसानों को संयंत्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार लागत राशि का 75 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है. वहीं, अन्य किसानों के लिए लागत का 70 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है.
मिशन के अंतर्गत संयंत्र स्थापित करने के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.2 हैक्टेयर भूमि होना जरूरी है. अनुदान अधिकतम 5 हैक्टेयर खेती तक के लिए ही दिया जा सकता है. इसके अलावा किसान के पास कुएं, नलकूप या अन्य जलस्रोत पर विद्युत, डीजल, सौर चालित पम्प सैट होना आवश्यक है.
राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन में संयंत्र स्थापित करने के लिए किसान राज किसान साथी पोर्टल पर जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, किसानों को नवीनतम जमाबंदी के साथ आवश्यक पूर्ण दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड करने होंगे.
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