
मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते बिजली बिलों के बीच अब लोग तेजी से रूफटॉप सोलर सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं. प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर लोगों की बढ़ती जागरूकता और सरकारी सब्सिडी योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है.ऊर्जा विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 15 मई 2026 तक प्रदेश में करीब 1.95 लाख से अधिक लोगों ने रूफटॉप सोलर लगाने के लिए आवेदन किए हैं. इनमें से अब तक 1.20 लाख से ज्यादा घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं.
इन घरेलू सोलर संयंत्रों से प्रदेश में लगभग 383.78 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. हालांकि रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में मध्य प्रदेश अभी देश में सातवें स्थान पर है, लेकिन जिस गति से काम हो रहा है, उससे आने वाले वर्षों में राज्य की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है.
ऊर्जा विभाग के अनुसार, प्रदेश में लगाए गए रूफटॉप सोलर सिस्टम से कुल 450.7 मेगावॉट क्षमता जुड़ चुकी है. सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब तक उपभोक्ताओं को 847.13 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी प्रदान कर चुकी है.यही कारण है कि अब सोलर सिस्टम लगवाना पहले की तुलना में अधिक आसान और किफायती हो गया है.
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ अब छोटे शहरों और कस्बों में भी लोग सोलर ऊर्जा को अपनाने लगे हैं.बिजली बिल में राहत और लंबे समय तक कम खर्च में बिजली मिलने के कारण लोगों का भरोसा सौर ऊर्जा पर तेजी से बढ़ रहा है.
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश में लगभग 75 प्रतिशत उपभोक्ता बैंक से लोन लेकर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं. बैंकों द्वारा सोलर संयंत्रों के लिए मात्र 15 दिनों के भीतर लोन स्वीकृत किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को आर्थिक राहत मिल रही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर सिस्टम की मासिक ईएमआई अक्सर बिजली बिल जितनी या उससे कम पड़ती है. ऐसे में उपभोक्ताओं को एक तरफ बिजली बिल में राहत मिलती है, वहीं दूसरी ओर भविष्य के लिए स्थायी ऊर्जा समाधान भी मिलता है.
केंद्रीय ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 10 मई 2026 तक देशभर में 25 लाख 45 हजार से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं. प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और अन्य सरकारी योजनाओं ने इस क्षेत्र को नई गति दी है.
मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है.बढ़ते बिजली बिलों के कारण लोग खुद आगे आकर सौर ऊर्जा में रुचि दिखा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 20 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में काम करते हुए प्रदेश में अब तक 1.20 लाख से अधिक घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है.