
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को राज्य की लाडली बहनों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त जारी की. उन्होंने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए. इसके साथ ही योजना के तहत अब तक कुल 52,304 करोड़ रुपए की राशि बहनों को दी जा चुकी है. मुख्यमंत्री शनिवार को खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें मध्यप्रदेश की लक्ष्मी और अन्नपूर्णा हैं. उनके सशक्तिकरण के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार नारी कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी का स्थान सर्वोपरि है और सरकार हर कदम पर बहनों के साथ खड़ी है. कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन, दीप प्रज्ज्वलन और लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा के साथ की गई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रदेश में संचालित करीब 5 लाख स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अब तक 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. लखपति दीदी के साथ अब ड्रोन दीदी जैसी नई पहचान भी बहनों को मिल रही है. कपास आधारित उद्योग में कार्य करने वाली महिलाओं को 5 हजार रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त सहायता देने की व्यवस्था भी की जा रही है.
कृषि और किसान कल्याण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है. प्रदेश में दूध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है. किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिला है और गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि खेती में महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले के चहुंमुखी विकास के लिए 608 करोड़ रुपए से अधिक के 13 विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया. इसमें 301 करोड़ की भाम सिंचाई परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रयोगशाला और पंधाना के नवीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ शामिल है. सिंचाई परियोजनाओं से क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलने और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई गई.
मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को लेकर कहा कि निमाड़ अंचल को एक बड़े आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. ओंकारेश्वर, बाबा ममलेश्वर धाम, संत सिंगाजी धाम और एकात्म धाम जैसे परियोजनाओं से क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी. उन्होंने खंडवा से ओंकारेश्वर और ओंकारेश्वर से इंदौर के बीच नई रेल लाइन शुरू होने की भी जानकारी दी, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास को गति मिलेगी.