
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने किसानों से अपील की है कि वे 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में होने वाली ऑल इंडिया जनरल स्ट्राइक में शामिल हों. SKM ने कहा कि यह हड़ताल सिर्फ किसानों के लिए नहीं, बल्कि मजदूरों और आम जनता के अधिकारों के लिए भी है. उन्होंने किसानों से कहा कि वे इस दिन अपने-अपने शहर और गांव में प्रदर्शन करें, और जरूरत पड़ने पर मोदी और ट्रंप की प्रतिमाएं तथा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की प्रतियां जलाकर अपने विरोध को दिखाएं.
SKM ने किसानों और मजदूरों को बताया कि सरकार ने हाल ही में कई ऐसे कानून और बिल पेश किए हैं जो आम लोगों और किसानों के लिए हानिकारक हैं. इनमें 4 लेबर कोड, इलेक्ट्रिसिटी बिल 2025, सीड बिल 2025, और VB ग्रामग एक्ट 2025 शामिल हैं. SKM मांग कर रहा है कि इन सभी कानूनों को वापस लिया जाए. इसके अलावा, SKM चाह रहा है कि पुराना पेंशन योजना वापस लाई जाए, मजदूरों और स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन दिया जाए, और सभी किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की जाए.
SKM ने खास तौर पर इलेक्ट्रिसिटी बिल 2025 का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि इस बिल के लागू होने से किसानों और घरेलू उपयोगकर्ताओं की बिजली महंगी हो जाएगी. इसमें पीक ऑवर चार्ज और स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे. SKM की मांग है कि स्मार्ट मीटर बिल को लागू न किया जाए और हर घर को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए, जैसा कि चुनाव के दौरान वादा किया गया था.
SKM ने कहा कि नया सीड बिल कंपनियों को विदेशी बीज मंगाने और उन्हें ज्यादा दाम में बेचने की आज़ादी देता है. इससे किसान परेशान होंगे और उनका खर्च बढ़ेगा. साथ ही, VB ग्रामग एक्ट MNREGA के अधिकारों को कमजोर करता है. इससे ग्रामीण लोगों को अपने गाँव में तय किए गए काम नहीं मिलेंगे. SKM ने कहा कि ये सभी कानून किसानों और मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ हैं.
SKM ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का विरोध भी किया. उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारत की स्वावलंबन और स्वतंत्रता खतरे में है. सरकार ने मजदूरों को न्यूनतम वेतन, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अधिकार देने से पीछे हट गई है. वित्त मंत्रालय ने राज्यों को दबाव देकर धान के बोनस और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कमजोर करने का आदेश दिया. SKM ने इसे अमेरिका और बड़ी कंपनियों के दबाव का परिणाम बताया.
SKM ने याद दिलाया कि 2020-21 में हुए किसान आंदोलन में 736 किसानों ने अपनी जान दी थी और यह संघर्ष 385 दिनों तक चला. सरकार ने उस समय किए गए वादों को पूरा नहीं किया, जैसे MSP पर कानून बनाना, किसानों का ऋण माफ करना और बिजली के अधिकार देना. SKM ने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल उसी संघर्ष की तरह है और इसे सफल बनाने के लिए सभी किसानों, मजदूरों और आम जनता को एकजुट होना होगा.
SKM ने कहा कि इस हड़ताल में किसान और मजदूर एक साथ विरोध करेंगे. वे गांवों और शहरों में प्रदर्शन करेंगे, मोदी और ट्रंप की प्रतिमाएं जलाएंगे और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की प्रतियां भी जला कर सरकार को संदेश देंगे. SKM ने किसानों से अपील की है कि वे बड़े पैमाने पर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों. इस तरह किसान और मजदूर मिलकर सरकार की कॉर्पोरेट-हितैषी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएँगे और अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे.
SKM ने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल केवल विरोध नहीं है, बल्कि यह किसान-मजदूर एकता का प्रतीक है. इससे यह संदेश जाएगा कि किसान और मजदूर मिलकर अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं. SKM ने सभी किसानों से अपील की कि वे अपने गाँव और शहरों में इस आंदोलन में शामिल हों और सरकार को स्पष्ट संदेश दें कि उनके अधिकारों के बिना कोई भी कानून लागू नहीं होगा.
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