
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रहा है. किसान और राजनीतिक दल इस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. इस बीच, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि अमेरिका के साथ जो डील हुई है, उसके साथ बहुत सारे सवाल खड़े हो गए हैं. इसके लिए जनता को जागरूक होना पड़ेगा. सचिन पायलट ने इस डील को भारतीय किसानों, खासकर कपास और सोयाबीन उगाने वाले किसानों के लिए नुकसानदायक बताया.
राहुल गांधी ने लगातार इस मुद्दे को सदन के अंदर और सदन के बाहर उठाया है. मुझे बड़ा खेद है कि सरकार किसी भी दल की हो इस तरह जानबूझ कर छोटे व्यापारियों, किसानों और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी ने नहीं किया. क्या दबाव है भारत सरकार के ऊपर यह मै नहीं जानता, लेकिन जो ट्रेड डील हुई है, वो अमेरिका करवा रहा है यह दबाव में करवा रहा है.
बांग्लादेश और हिंदुस्तान में इतना फर्क हो गया कि अब अपना देश अमेरिका के कहने पर चल रहा है. लेकिन भारत में जो विशेष तौर पर हमारे किसान हैं हमारे दुग्ध दाता हैं हमारे लघु उद्योग वाले लोग हैं उनको बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. और हकीकत यह है कि आज से पहले भारत हमेशा 2,3, या 5 प्रतिशत टैरिफ देता था. उसको पहले अमेरिका ने 50 प्रतिशत कर दिया फिर अब 18 फीसदी कर दिया, उसकी खुशियां मनाई जा रही है आखिर किस बात की खुशी मनाई जा रही है.
सचिन पायलट ने आगे कहा कि जहां तक तेल की बात है यह एक इतना अहम मुद्दा है, और अमेरिका कैसे कह सकता किसी भी देश को और खास तौर पर भारत जैसे तागतवर देश को की आप यहां से तेल खरीदेंगे और यहां से नहीं खरीदेंगे, यह हमारी ऊर्जा सुरक्षा है उसपर बहुत बड़ा खतरा है. उन्होंने भाजपा सरकार के मंत्रियों पर आरोप लगाते हुए बोला कि सोशल मीडिया पर डील के बारे में घोषणा की गई है और वाणिज्य मंत्री से पूछो की रूस से तेल लेंगे, तो बोलते है विदेश मंत्री को पता है और विदेश मंत्री से पूछो तो बोलते है वाणिज्य मंत्री से पूछो. किसी को मालूम नहीं है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए सदन के अंदर उठाए हैं उसका जवाब यह सरकार नहीं दे पाई है.
बता दें कि कल ही राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीएम नरेंद्र मोदी से 5 अहम सवाल पूछे हैं. साथ ही उन्होंने कहा है कि US trade deal के नाम पर हम भारत के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि किसानों को ये सफ़ाई तो मिलनी ही चाहिए, यह सिर्फ आज की बात नहीं है. ये भविष्य की भी बात है - क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं. (शरत की रिपोर्ट)