पंजाब बंद का असर: किसानों ने NH-44 किया जाम, परविंदर झोटा की हत्या पर फूटा गुस्सा

पंजाब बंद का असर: किसानों ने NH-44 किया जाम, परविंदर झोटा की हत्या पर फूटा गुस्सा

नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद को कई किसान संगठनों का समर्थन मिला. किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर प्रदर्शन किया, जबकि कई संगठनों ने अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे-44 को जाम करने का ऐलान किया. किसानों ने हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग की है.

 Parminder Singh Jhota Murder Case Parminder Singh Jhota Murder Case
क‍िसान तक
  • संगरूर/लुधियाना,
  • Oct 15, 2026,
  • Updated Oct 15, 2026, 2:01 PM IST

गुरुवार को पंजाब बंद के दौरान, किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों और उनके समर्थकों ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया. यह बंद नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग और नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाया गया था.

राज्यव्यापी बंद के आह्वान के जवाब में, कई किसान यूनियनों, छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को नेशनल हाईवे-44 (जो अमृतसर को दिल्ली से जोड़ता है) को जाम करने की घोषणा की.

मानसा में झोटा की हत्या के विरोध में और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बुलाए गए इस बंद के मद्देनजर, पूरे अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इस बंद को अपना समर्थन दिया है.

किसानों ने किया पंजाब बंद का आह्वान

मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर पंजाब बंद के आह्वान को कई किसान संगठनों ने समर्थन देने का ऐलान किया है. भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां, भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर और किसान संघर्ष कमेटी पंजाब समेत अन्य संगठनों ने बंद के समर्थन में उतरने की घोषणा की.

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां और भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के जनरल सेक्रेटरी काका सिंह कोटड़ा ने बंद का समर्थन करते हुए कहा है कि किसान संगठन लोगों के बीच जाकर पंजाब बंद के समर्थन की अपील करेंगे. वहीं, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब के नेता इंद्रजीत सिंह कोटबुड्ढा ने भी परमिंदर सिंह झोटा की हत्या की निंदा करते हुए अपनी जत्थेबंदी की ओर से बंद का समर्थन करने का ऐलान किया.

इसी कड़ी में संगरूर जिले के गांवों और शहरों में किसान संगठनों की ओर से प्रचार किया गया. भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के कार्यकर्ता बाजारों में जाकर दुकानदारों और आम लोगों से गुरुवार को पंजाब बंद का समर्थन करने की अपील की. 

संगरूर जिले के भवानीगढ़ शहर के बाजारों से भी ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जहां किसान दुकानदारों और स्थानीय लोगों को बंद के आह्वान के बारे में जानकारी देते हुए समर्थन की अपील करते हुए दिखे.

झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग

किसान संगठनों का कहना है कि परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर यह बंद किया जा रहा है. 

गुरुवार को आंदोलन के दौरान पंधेर ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा और उससे जुड़े संगठनों ने लोगों से इस बंद को सफल बनाने की अपील करते हुए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया.

पंधेर ने कहा, "हमें मिल रही खबरों के अनुसार, पंजाब के लोगों ने नशे के मुद्दे पर अपने कारोबार बंद रखकर भारी समर्थन दिया है, और मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं. बड़ी संख्या में लोग गोल्डन गेट पर इकट्ठा हुए, जहां हमने भगवंत मान सरकार का पुतला फूंका. हमने मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक आधार पर इस्तीफा दें और DGP भी अपने पद से हटें."

झोटा की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पंधेर ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए, चाहे उनके राजनीतिक संबंध हों या वे नशे के कारोबार से जुड़े हों.

उन्होंने कहा, "केमिस्ट की दुकान के पीछे जो भी है, चाहे वह कोई राजनेता हो या माफिया से जुड़ा व्यक्ति, उसकी जांच होनी चाहिए. न्याय मिलना चाहिए."(कुलवीर सिंह और विवेक धल का इनपुट)

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