बिजली संकट के बीच PSPCL के CMD बसंत गर्ग का तबादला, पंजाब सरकार ने किसानों के लिए किया ये ऐलान

बिजली संकट के बीच PSPCL के CMD बसंत गर्ग का तबादला, पंजाब सरकार ने किसानों के लिए किया ये ऐलान

पंजाब में बिजली संकट और अघोषित कटौती को लेकर विपक्ष के हमले के बीच राज्य सरकार ने PSPCL के CMD बसंत गर्ग का तबादला कर दिया है. उनकी जगह प्रमुख सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह को नया CMD नियुक्त किया गया है.

Punjab electricity crisis CMD Basant Garg TransferredPunjab electricity crisis CMD Basant Garg Transferred
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 15, 2026,
  • Updated Sep 15, 2026, 9:43 AM IST

पंजाब में अघोषित बिजली कटौती को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई भगवंत मान सरकार ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (CMD) बसंत गर्ग का तबादला कर दिया है. उनकी जगह प्रमुख सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह को PSPCL का नया चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है. 2005 बैच के आईएएस अधिकारी बसंत गर्ग प्रशासनिक सचिव, बिजली का प्रभार भी संभाल रहे थे. सरकारी आदेश के अनुसार, अब उन्हें प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन नियुक्त किया गया है. ये विभाग पहले गुरकीरत कृपाल सिंह के पास थे. वहीं, पंजाब सरकार ने किसानों को अतिरिक्‍त बिजली सप्‍लाई देने का भी ऐलान किया है.

बिजली कटौती को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला

पंजाब में बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी लगातार आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना कर रहे हैं. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भगवंत मान सरकार किसानों, उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में विफल रही है. किसानों और उद्योगपतियों ने भी लंबे समय तक बिजली कटौती की शिकायत की है.

केंद्र पर कोयला सप्‍लाई घटाने का आरोप

सोंड ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में उन्हें उद्योगपतियों और किसान संगठनों की ओर से फोन आए हैं. उन्होंने दोहराया कि तीन दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह बता चुके हैं कि बिजली संकट की एक वजह केंद्र सरकार की ओर से कोयले की सप्‍लाई में कटौती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने पंजाब के हिस्से की 1,000 मेगावाट बिजली जारी नहीं की है.

'13 सितंबर सुबह से नहीं हुई कटौती'

पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने सोमवार को लुधियाना में दावा किया कि 13 सितंबर सुबह सात बजे से अब तक राज्य में कोई बिजली कटौती नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि समेत सभी चार प्रमुख क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है.

धान सीजन में बढ़ी बिजली की मांग

सोंड ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और किसान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. उन्होंने बताया कि धान का सीजन चल रहा है और हाल में दो निजी थर्मल पावर प्लांट तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित हुए थे. PSPCL की पूरी टीम ने दिन-रात काम करके दोनों संयंत्रों को दोबारा चालू कराया.

किसानों को दो घंटे अतिरिक्त बिजली देने का फैसला

बिजली मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए हैं कि किसानों को पहले हुई दो से तीन घंटे की बिजली कटौती की भरपाई के लिए रविवार से दो घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति की जाए. यह अतिरिक्त आपूर्ति किसानों को राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई है.

सितंबर में 3,500 मेगावाट बढ़ी बिजली की मांग

सोंड ने बताया कि पिछले वर्षों में सितंबर के दौरान पंजाब में बिजली की मांग करीब 13,100 मेगावाट रहती थी. इस साल यह बढ़कर 16,600 मेगावाट तक पहुंच गई है. उनके मुताबिक, इससे बिजली की मांग में लगभग 3,500 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि हुई है.

बिजली मंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने दिन-रात मेहनत कर थर्मल प्लांटों की तकनीकी खामियां दूर की और उन्हें दोबारा चालू कराया. सोंड ने बताया कि राज्य को बिजली बेचने वाले एक निजी पावर प्लांट की एक यूनिट ने भी काम करना शुरू कर दिया है, जिससे पंजाब को 100 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो गई है. (पीटीआई)

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