कर्नाटक में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का ऐलान, किसानों और सूखे की समस्या पर होगी चर्चा

कर्नाटक में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का ऐलान, किसानों और सूखे की समस्या पर होगी चर्चा

कर्नाटक सरकार ने 21 से 23 सितंबर तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. इस दौरान राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति, किसानों की समस्याओं और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होगी.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 03, 2026,
  • Updated Sep 03, 2026, 7:56 PM IST

कर्नाटक सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति और किसानों के सामने खड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को बताया कि विशेष सत्र 21, 22 और 23 सितंबर को आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर विधानसभा में पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी है, इसलिए सरकार ने विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है. डिप्‍टी सीएम जी. परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक इस साल गंभीर सूखे का सामना कर रहा है और इसकी स्थिति असाधारण है. उन्होंने दावा किया कि करीब 150 साल बाद इस तरह का सूखा देखने को मिल रहा है. इसका असर सिर्फ किसानों और खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर भी पड़ सकता है. इसी वजह से सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना चाहती है.

कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर भी होगी विस्तृत बहस

विशेष विधानसभा सत्र में कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार इस रिपोर्ट को पहले भी चार-पांच बार खारिज कर चुकी है, लेकिन इसकी सिफारिशों को लेकर बहस और मतभेद लगातार बने हुए हैं. सरकार अब इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कर लोगों के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहती है.

अहम फैसलों से पहले समिति करेगी विचार

कर्नाटक कैबिनेट ने पहली बार 10 सदस्यीय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स कमेटी गठित करने का भी फैसला किया है. इस समिति में महत्वपूर्ण मामलों और प्रस्तावित फैसलों पर पहले चर्चा होगी, जिसके बाद उन्हें कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. जी. परमेश्वर ने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद बड़े सरकारी फैसलों से पहले व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित करना है.

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी समिति

मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार इस समिति के अध्यक्ष होंगे. उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के अलावा के. एच. मुनियप्पा, के. जे. जॉर्ज, प्रियंक खड़गे, कृष्णा बायरे गौड़ा, यतिंद्र सिद्धारमैया, यू. टी. खादर, लक्ष्मण सावदी, सतीश जारकीहोली और एम. बी. पाटिल इसके सदस्य होंगे. समिति महत्वपूर्ण विषयों और प्रस्तावित सरकारी फैसलों पर चर्चा करने के बाद उन्हें कैबिनेट के सामने रखने की प्रक्रिया में भूमिका निभाएगी.

कैबिनेट ने राज्य सरकार की ओर से मीडिया से संवाद के लिए आठ आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला किया है. उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि इन प्रवक्ताओं को सरकारी मामलों की रोजाना जानकारी दी जाएगी और वे संबंधित विभागों से मिले आधिकारिक तथ्यों के आधार पर मीडिया के सवालों का जवाब देंगे.

निजी राय नहीं मानी जाएगी सरकार की राय

उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि सिर्फ नियुक्त प्रवक्ताओं को ही राज्य सरकार की ओर से बोलने का अधिकार होगा. यदि कोई अन्य मंत्री किसी मुद्दे पर बयान देता है तो उसे सरकार का आधिकारिक पक्ष नहीं, बल्कि उसका निजी विचार माना जाएगा. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सरकारी फैसलों और नीतियों से जुड़ी जानकारी मीडिया तक अधिक समन्वित और आधिकारिक तरीके से पहुंच सकेगी.

अप्रैल में होगी इन्वेस्ट कर्नाटक 2027 सम‍िट

उप मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि निवेशकों को आकर्षित करने और कर्नाटक में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट कर्नाटक 2027 समिट का आयोजन 20 से 23 अप्रैल के बीच किया जाएगा. इस आयोजन के जरिए राज्य सरकार कर्नाटक को निवेश के लिए एक मजबूत गंतव्य के रूप में पेश करने की कोशिश करेगी. (एएनआई)

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