जगजीत सिंह डल्लेवाल का दावा: BKU एकता सिद्धूपुर में कोई फूट नहीं, 19 मार्च को दिल्ली में महापंचायत

जगजीत सिंह डल्लेवाल का दावा: BKU एकता सिद्धूपुर में कोई फूट नहीं, 19 मार्च को दिल्ली में महापंचायत

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने BKU एकता सिद्धूपुर में फूट की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है. उन्होंने एमएसपी की लीगल गारंटी, सीड बिल के विरोध और कर्ज माफी को लेकर 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत का ऐलान किया.

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रवि कांत सिंह
  • New Delhi ,
  • Jan 09, 2026,
  • Updated Jan 09, 2026, 12:07 PM IST

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने इस बात से इनकार किया है कि उनके संगठन में किसी तरह की फूट है. दिल्ली गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डल्लेवाल ने पत्रकारों के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि उनका संगठन बिल्कुल एकजुट है उसमें किसी तरह की फूट नहीं है. दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि भारतीय किसान यूनियन (BKU) एकता सिद्धूपुर में टूट की आशंका है क्योंकि पंजाब में आठ जिलों के सीनियर पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों ने गुट के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को हटाने की मांग की है. इसी सिलसिले में इस ग्रुप ने यूनियन के संस्थापक पिशोरा सिंह सिद्धूपुर के बेटे दलबीर सिंह सिद्धूपुर को संयोजक घोषित किया है.

संगठन में फूट पर डल्लेवाल की सफाई

डल्लेवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पत्रकारों को बताया कि भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) में किसी तरह की फूट नहीं है. डल्लेवाल के मुताबिक, इस पूरे मामले में शुक्रवार को जालंधर में एक मीटिंग बुलाई गई है जिसमें सभी जिलों के जिला प्रधान यह साफ करेंगे कि एकता सिद्धूपुर किसान संगठन में किसी तरह का मनमुटाव नहीं है और संगठन एकजुट होकर किसानों के मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगा.

डल्लेवाल ने कहा कि कुछ लोग हैं जो आंदोलन को कमजोर कर रहे हैं और ऐसे लोगों ने लैंड पूलिंग एक्ट के विरोध के समय भी ऐसा किया था. डल्लेवाल ने फिर दोहराया कि किसान संगठन में फूट की खबरें भ्रामक है और धरातल पर इस बात में कोई सच्चाई नहीं है.

एमएसपी लीगल गारंटी और कर्जमाफी की मांग

डल्लेवाल ने एमएसपी की लीगल गारंटी और सीड बिल के खिलाफ अपने आंदोलन का प्लान बताया और कहा कि इस बार किसान कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकजुट होंगे और दिल्ली में 19 मार्च को रामलीला मैदान में एक रैली की जाएगी. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा जाएगा.

डल्लेवाल ने कहा कि देश में किसानों को उपज के सही रेट नहीं मिल रहे जिससे आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं. देश में 7 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं. ऐसी स्थिति में सरकार को फसलों के सही दाम दिलाने के लिए एमएसपी की लीगल गारंटी देनी चाहिए. डल्लेवाल ने कहा कि किसानों की उपज एमएसपी से नीचे बिकने की वजह से सन 2000 से 2017 तक किसानों को 45 लाख करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है.

कर्ज बढ़ने से किसान कर रहे आत्महत्या 

डल्लेवाल ने कहा कि किसान को एमएसपी का रेट नहीं मिल रहा है जिससे उसके माथे पर कर्ज बढ़ता जा रहा हू. इस कर्ज की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं कर रही है जबकि दूसरी ओर कॉरपोरेट्स के लोन माफ किए जा रहे हैं. सरकार ने अभी तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को भी लागू नहीं किया है. डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि 2013 में सरकार भूमि अधिग्रहण कानून लेकर आई थी जो पास नहीं हो सका. लेकिन उसे अलग-अलग राज्यों में अपनी तरह से लागू किया जा रहा है, जमीन पर तोड़-फोड़ की जा रही है और भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है.

बिजली बिल संशोधन विधेयक का विरोध

डल्लेवाल ने कहा कि सरकार बिजली बिल संशोधन का कानून ला रही है, साथ ही सीड बिल लाने का भी तैयारी है. ये सारी कवायद किसानों को प्रताड़ित करने का है. इसे देखते हुए पूरे देश के किसानों को एकजुट करने के लिए वे एक देशव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. आने वाले समय में पूरे देश में एक आंदोलन खड़ा करने के लिए एक जागृति यात्रा निकाली जाएगी जो फरवरी के पहले हफ्ते में कन्याकुमारी से शुरू होगी और कश्मीर तक जाएगी. इसका समापन 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा.

19 मार्च को दिल्ली में किसान महापंचायत

डल्लेवाल ने कहा कि 19 मार्च को रामलीला मैदान में एक किसान महापंचायत की जाएगी. उससे पहले पूरे देश के लाखों गांवों से किसान अपना संकल्प पत्र लेकर दिल्ली आएंगे और उसे प्रधानमंत्री को सौंपेंगे. यह संकल्प पत्र एमएसपी की लीगल गारंटी, सीड बिल का विरोध और किसानों की कर्जमाफी को लेकर होगा. डल्लेवाल ने फिर दोहराया कि उनके संगठन में कोई फूट नहीं है और उनका आंदोलन पूरे देश को एकजुट करेगा. 

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