
पीलीभीत में किसानों के लिए बड़ी सौगात—यहां देश का दूसरा सबसे बड़ा बासमती प्रशिक्षण केंद्र और पहला जैविक कृषि प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा. केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की मौजूदगी में कृषि विभाग द्वारा एपीडा को टनकपुर रोड स्थित 8 एकड़ भूमि लीज डीड के जरिए सौंपी गई.
इस अत्याधुनिक केंद्र से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को उच्च क्वालिटी वाले बासमती उत्पादन और जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा.
एपीडा के इस केंद्र में बीज चयन, बासमती उत्पादन, जैविक खेती और निर्यात मानकों से जुड़ी संपूर्ण जानकारी और डेमो की सुविधा होगी.
जॉइंट डायरेक्टर एपीडा डॉ. रितेश शर्मा ने बताया कि इस पहल से पीलीभीत में पैदा होने वाले बासमती चावल की खुशबू दुनिया भर तक पहुंचेगी.
करीब 7–8 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह प्रशिक्षण और डेमो केंद्र देश-विदेश से किसानों और विशेषज्ञों को आकर्षित करेगा. इस परियोजना से क्षेत्र के किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीक के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.
एपीडा और वाणिज्य मंत्रालय की इस पहल से कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और पीलीभीत बासमती और जैविक खेती के नए केंद्र के रूप में उभरेगा.
केंद्र का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और अनुमान है कि यह एक से डेढ़ साल में पूरी तरह तैयार हो जाएगा.