फरवरी यानी प्यार का महीना आने वाला है. इस महीने प्रेमी जोड़े एक दूसरे को गुलाब जरूर देते हैं. अगर आपके घर में भी गुलाब का पौधा है, या अगर आपका गुलाब का पौधा अधिक सर्दी की वजह से मुरझा रहा है, तो आप इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके उसे आसानी से फिर से हरा-भरा कर सकते हैं.
हम बात कर रहे हैं किचन में मौजूद आलू और नींबू के 'फ्री का घोल' के बारे में. यह जादुई लिक्विड न केवल पौधे की मिट्टी को उपजाऊ बनाता है, बल्कि पौधों को कलियों से भी भर देता है. आलू में पोटेशियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होता है, जो फूलों को खिलाने के लिए रामबाण है. वहीं गुलाब की मिट्टी को हल्का अम्लीय होना पसंद है, और नींबू इसमें मदद करता है.
इसके लिए सबसे पहले एक कच्चा आलू कद्दूकस कर लें. इसे 3 दिनों के लिए पानी में भिगो दें. इसी तरह, नींबू के छिलकों को 3 दिनों के लिए पानी में भिगो दें. आलू के पानी के 1 लीटर में नींबू के पानी का सिर्फ 30 मिलीलीटर मिलाएं.
यह खराब नहीं होता, इसलिए आप इसे 15 दिनों तक भी स्टोर कर सकते हैं. यह मिश्रण फूलों की संख्या और उनके रंग की चमक और उनके रंग को भी निखारता है. साथ ही इससे अच्छे क्वालिटी वाले गुलाब खिलते हैं.
इस घोल को सुबह के समय या सूरज ढलने के बाद ही पौधों में डालें. वहीं, दोपहर के समय तेज धूप में फर्टिलाइजर डालने से बचें. 15 दिनों में एक बार इस प्रोसेस को दोहराने से गुलाब के पौधे में नई कलियां आने लगेंगी.
फरवरी आते-आते आपका पौधा फूलों के ऐसे ढेर से भर जाएगा. ऐसे मेंआपको बाहर से गुलाब खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बता दें कि गुलाब के पौधों की अच्छी पैदावार के लिए दिन का तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस सही माना गया है.
वहीं, बादल छाए रहने पर 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है. बता दें कि गुलाब के पौधे में आर्द्रता बढ़ जाने से फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, आर्द्रता कम होने पर इसमें लाल मकड़ी का खतरा बढ़ जाता है.