PHOTOS: मेक्सिको की ‘चिया’ जालना में हिट, युवा किसान ने कम लागत में कमाया बड़ा मुनाफा

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PHOTOS: मेक्सिको की ‘चिया’ जालना में हिट, युवा किसान ने कम लागत में कमाया बड़ा मुनाफा

जालना में चिया की खेती
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महाराष्ट्र के जालना जिले में अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक और वैकल्पिक फसलों की ओर भी किसानों का रुझान बढ़ता नजर आ रहा है. इसी कड़ी में बदनापुर तहसील के मांडवा गांव के प्रगतिशील किसान नारायण अंकुशराव चंद पाटील ने एक अनोखा प्रयोग करते हुए मेक्सिको में उगाई जाने वाली ‘चिया’ फसल की खेती शुरू की है.

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किसान के इस प्रयोग ने इलाके के किसानों के सामने एक नई दिशा खोल दी है. नारायण पाटील ने अपने लगभग डेढ़ एकड़ खेत में चिया की बुवाई की है. इस फसल के लिए प्रति एकड़ करीब 2 किलो बीज की जरूरत होती है, जिसका खर्च लगभग 15 हजार रुपये तक आता है. खास बात यह है कि कम लागत में इस फसल से प्रति एकड़ 6 से 7 क्विंटल उत्पादन मिलने की संभावना जताई जा रही है.

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अगर बाजार भाव की बात करें, तो चिया के बीजों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते किसानों को प्रति एकड़ करीब 1 लाख 25 हजार रुपये तक का मुनाफा मिल सकता है. यही वजह है कि यह फसल अब किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है.

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चिया बीजों में प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जिससे इसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं और गर्मियों में बनने वाले शरबत में बड़े पैमाने पर किया जाता है. स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरुकता के कारण बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.

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फिलहाल महाराष्ट्र के वाशिम और मध्यप्रदेश के इंदौर में चिया फसल के प्रमुख बाजार उपलब्ध हैं, जहां किसानों को अच्छा दाम मिल रहा है. जालना जिले में अभी बहुत कम किसान इस फसल की खेती कर रहे हैं, लेकिन नारायण पाटील के इस सफल प्रयोग से अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिल रही है. 
 

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नारायण पाटील का कहना है कि पारंपरिक खेती के साथ अगर किसान नए-नए प्रयोग अपनाएं, तो खेती से होने वाली आय को बढ़ाया जा सकता है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. चिया जैसी फसल कम लागत, अच्छी पैदावार और मजबूत बाजार मांग के कारण भविष्य में किसानों के लिए लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है.
 

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‘चिया’ फसल के सफल प्रयोग के माध्यम से नारायण चंद पाटील ने क्षेत्र के किसानों के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है. यह कम खर्च में अधिक उत्पादन देने वाली फसल है. इसके स्प्रे (फवारणी) का खर्च भी कम होता है. चिया का प्रति एकड़ उत्पादन लगभग 5 से 7 क्विंटल तक होता है. इस फसल पर लगभग 15 हजार रुपये का खर्च आता है और इससे 7 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की उम्मीद है.

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चिया का बाजार भाव 18 हजार से 25 हजार रुपये प्रति क्विंटल है. चिया का उपयोग घरों में किया जाता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण इसका उपयोग बड़े पैमाने पर होता है. इसका उपयोग शरबत बनाने और आयुर्वेद में भी व्यापक रूप से किया जाता है. बदनापूर तालुका में 7 से 10 किसानों ने चिया की खेती की है.

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पाटील ने कहा, चिया की खेती का यह उनका पहला वर्ष है. अन्य किसानों को पारंपरिक खेती छोड़कर नई फसल पद्धति अपनानी चाहिए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके. चिया कम खर्च में अधिक उत्पादन देने वाली फसल है, इसलिए किसानों को इसकी ओर रुख करना चाहिए, ऐसा मैं किसानों से आग्रह करता हूं.(गौरव विजय साली का इनपुट)
 

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