
एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप द्वारा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट नीतिगत नेतृत्व के लिए उत्तर प्रदेश को प्रतिष्ठित 17वें एग्रीकल्चर लीडरशिप अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया. यह सम्मान नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों से प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को प्रदान किया गया. इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, गुजरात के कृषि मंत्री जीतुभाई वघानी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश सदाशिवम, एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रमजान खान एवं सीईओ डॉ. हारिस खान भी उपस्थित रहे.
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मेरे लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है. यह सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है. उत्तर प्रदेश आज कृषि के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. उन्होंने एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि 2017 में योगी सरकार बनने के बाद के ये नौ वर्ष कृषि क्षेत्र के भीतर ऐतिहासिक सफलताओं के वर्ष रहे हैं.
मंत्री शाही ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कृषि क्षेत्र का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि जब वे केंद्र में कृषि मंत्री थे, तब उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की व्यवस्था बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी. “उत्तर प्रदेश में पहले कोऑपरेटिव सेक्टर से 18 प्रतिशत ब्याज पर कृषि निवेश के लिए ऋण मिलता था. राजनाथ सिंह ने अटल जी से बात कर केसीसी शुरू कराया और आज किसानों को 4 प्रतिशत पर कर्ज मिल रहा है. इससे देशभर के किसानों को राहत मिली और कृषि में निवेश व व्यापकता बढ़ी.
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आज हम खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं. 2017 से पहले यूपी का किसान स्ट्रेस में था, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी से किसान आत्महत्या की सूचनाएं आती थीं. योगी सरकार का पहला फैसला 86 लाख किसानों के 36,000 करोड़ रुपये के कर्ज की माफी का था. इससे किसानों को राहत मिली और वे खेती की ओर लौटे. परिणाम यह है कि आज उत्तर प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 543 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 750 लाख मीट्रिक टन हो गया है. देश के कुल उत्पादन में अकेले यूपी 22 प्रतिशत योगदान कर रहा है.
शाही ने बताया कि यूपी आज देश में सर्वाधिक दूध, सब्जी और फल उत्पादन करने वाला राज्य बन चुका है. शहद, अंडा और मछली उत्पादन में भी विशेष प्रगति हुई है. पहले कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की ग्रोथ 7.5 प्रतिशत थी, आज यह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है. दलहन उत्पादन में भी 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि हाल ही में कैबिनेट ने फैसला किया है कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से पशुओं का बीमा कराएगी, जिसमें किसान का सिर्फ 15 प्रतिशत प्रीमियम होगा, 35 प्रतिशत भारत सरकार और शेष राज्य सरकार देगी.
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादकता को अगले चार वर्ष में हम पंजाब और हरियाणा के बराबर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप ने यूपी के इनोवेशन, स्टार्टअप और एफपीओ को भी रीकॉग्नाइज किया है. “विकसित भारत के संकल्प में यूपी कृषि से आत्मनिर्भरता का अग्रदूत बनेगा.
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