किसान कर्जमाफी की शर्तों के खिलाफ रोहित पवार का अनशन जारी, बोले- मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे

किसान कर्जमाफी की शर्तों के खिलाफ रोहित पवार का अनशन जारी, बोले- मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे

रोहित पवार ने किसानों के लिए पूरी तरह कर्जमाफी की मांग को लेकर शुरू किया गया अपना अनिश्चितकालीन अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रखा. रोहित पवार ने यह आंदोलन सोलापुर जिले के पंढरपुर में शुरू किया है.

Rohit Pawar, NCP SP, Maharashtra, Ajit Pawar deathRohit Pawar, NCP SP, Maharashtra, Ajit Pawar death
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 13, 2026,
  • Updated Jun 13, 2026, 5:36 PM IST

महाराष्ट्र सरकार की नई कृषि कर्जमाफी योजना की शर्तों को लेकर विरोध तेज हो गया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने किसानों के लिए पूरी तरह कर्जमाफी की मांग को लेकर शुरू किया गया अपना अनिश्चितकालीन अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रखा. रोहित पवार ने यह आंदोलन सोलापुर जिले के पंढरपुर में शुरू किया है. उनका कहना है कि जब तक सरकार कृषि कर्जमाफीयोजना में  लगाई गई पाबंदियों को नहीं हटाती और इसका लाभ सभी जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंचता, तब तक वह अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे.

उन्होंने राज्य की देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया है. रोहित पवार का आरोप है कि सरकार ने कर्जमाफी योजना की घोषणा तो की है, लेकिन कुछ शर्तों के कारण बड़ी संख्या में किसान इसके लाभ से बाहर हो जाएंगे.

36,585 करोड़ रुपये की है योजना

महाराष्ट्र कैबिनेट ने 2 जून को 36,585 करोड़ रुपये की कृषि कर्जमाफी योजना को मंजूरी दी थी. इस योजना का नाम 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्ज-मुक्ति योजना' रखा गया है. सरकार के अनुसार, इससे करीब 56 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है. योजना के तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक का कृषि लोन माफ किया जाएगा. इसमें तीन हिस्से शामिल हैं- कर्जमाफी, एकमुश्त निपटान (OTS) और प्रोत्साहन लाभ. खास बात यह है कि इस योजना के लिए किसान के पास जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं होगा.

कर्जमाफी के तहत वे किसान पात्र होंगे, जिनका अल्पकालिक फसल लोन (मूलधन और ब्याज सहित) 2 लाख रुपये तक है. यह लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया होना चाहिए और 30 सितंबर 2025 तक बकाया होना चाहिए.

शर्तों को लेकर रोहित पवार का विरोध

रोहित पवार का कहना है कि योजना में रखी गई कुछ शर्तें किसानों के हित में नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि 2019 की कर्जमाफी योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए 50 हजार रुपये तक की सीमा तय की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रोत्साहन सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को वर्ष 2025-26 और 2026-27 के फसल लोन समय पर चुकाने की शर्त रखी गई है. रोहित पवार के मुताबिक, इन शर्तों के कारण करीब 37 लाख से ज्यादा किसान योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी मांग साफ है कि किसानों को राहत देने के लिए इन पाबंदियों को हटाया जाए और सभी पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जाए.

परिवार ने भी जताया समर्थन

रोहित पवार के अनशन को उनके परिवार का भी समर्थन मिला है. उनके पिता राजेंद्र पवार ने अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन किया. रोहित पवार ने दोहराया कि किसानों की मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा और जब तक सरकार शर्तों में बदलाव नहीं करती, तब तक वह भूख हड़ताल वापस नहीं लेंगे. वहीं, अब इस आंदोलन के जरिए महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है. (PTI)

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