ओडिशा में चक्रवात के दौरान 931 बच्चों का जन्म, माता-पिता ने रखे ‘अर्नब’ और ‘वर्षा’ नाम

ओडिशा में चक्रवात के दौरान 931 बच्चों का जन्म, माता-पिता ने रखे ‘अर्नब’ और ‘वर्षा’ नाम

ओडिशा में चक्रवात के दौरान कई घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजीं. इस दौरान जन्मे बच्चों के माता-पिता ने उनके नाम अर्नब, वर्षा, तूफान और पवन जैसे रखे हैं. ये अनोखे नाम अब चर्चा में हैं.

चक्रवात के दौरान 931 बच्चों का जन्मचक्रवात के दौरान 931 बच्चों का जन्म
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Oct 29, 2026,
  • Updated Oct 29, 2026, 9:55 AM IST

ओडिशा में चक्रवात अर्नब के दौरान 900 से ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया. तूफान ने राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी असर डाला. इस दौरान कई परिवारों के घर किलकारियां गूंजी. कुछ माता-पिता ने इस मौके को यादगार बनाने के लिए अपने बच्चों के नाम भी तूफान से जुड़े रखे. कई माता-पिता ने लड़कों का नाम 'अर्नब' और लड़कियों का नाम 'वर्षा' रखा, तो वहीं, कुछ परिवारों ने अपने बच्चों के नाम तूफान और पवन भी रखे हैं.

गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल पहुंचाया गया

चक्रवात के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचा दिया था. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के मुताबिक, इस दौरान 2,245 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिनमें से 931 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी माताएं और नवजात बच्चे स्वस्थ हैं. खराब मौसम में गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी की थी. महिलाओं को अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में पहुंचाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर समय पर उनकी मदद कर सकें.

गंजम जिले में भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 25 अक्टूबर से 493 गर्भवती महिलाओं को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया था. अधिकारियों के अनुसार, दोपहर एक बजे तक इनमें से 220 महिलाओं की डिलीवरी हो चुकी थी. इनमें 101 लड़के और 119 लड़कियां शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि सभी माताएं और बच्चे स्वस्थ हैं. कुछ को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई थी.

बच्चे का नाम ‘अर्नब’, तो किसी ने ‘बरशा’ रखा

चक्रवात के बीच जन्म लेने वाले बच्चों के नाम भी चर्चा में हैंय कुछ माता-पिता ने अपने बेटों का नाम ‘अर्नब’ और बेटियों का नाम ‘वर्षा’ रखा. इसके अलावा, कुछ परिवारों ने लड़कों के नाम ‘तूफान’ और ‘पवन’, जबकि लड़कियों के नाम ‘बतासी’ जैसे नामों पर रखे. गंजम जिले के पात्रापुर इलाके में रहने वाली 30 वर्षीय सुकांती प्रधान ने एक बेटे को जन्म दिया. उन्होंने अपने बेटे का नाम ‘अर्नब’ रखा. सुकांती को प्रसव के लिए पहले ही पात्रापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचा दिया गया था.

बच्चे के पिता चक्रधर साबर ने बताया कि चक्रवात के कारण उनकी पत्नी को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया था. परिवार ने तूफान के नाम पर ही बच्चे का नाम ‘अर्नब’ रखने का फैसला किया. मां और बच्चे की हालत स्थिर होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

भारी बारिश के बीच बेटी का जन्म, नाम रखा ‘वर्षा’

इसी अस्पताल में चिकराडा की रहने वाली 22 वर्षीय रुक्मिणी बेहरा ने एक बेटी को जन्म दिया. बच्ची का जन्म सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर हुआ. परिवार ने उसका नाम ‘बरसारानी’ रखने का फैसला किया, जबकि उसे ‘वर्षा’ नाम से भी पुकारा जा रहा है.रुक्मिणी के मुताबिक, चक्रवात के तट से टकराने के बाद इलाके में भारी बारिश हुई थी. इसी दौरान उनकी बेटी का जन्म हुआ. परिवार ने बताया कि अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने भी बच्ची का नाम ‘वर्षा’ रखने का सुझाव दिया था.

चक्रवात के दौरान सुरक्षा पर रहा जोर

चक्रवात अर्नब ने ओडिशा के कई इलाकों में बारिश और खराब मौसम की स्थिति पैदा कर दी थी. ऐसे में प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और अस्पतालों में प्रसव की व्यवस्था करने पर विशेष ध्यान दिया. इस पूरे घटनाक्रम में समय रहते की गई तैयारी अहम रही. गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को खराब मौसम के बीच भी सुरक्षित प्रसव कराने में मदद मिली. चक्रवात के बीच 931 बच्चों का जन्म और मां-बच्चों के स्वस्थ होने की खबर राहत देने वाली है. वहीं, ‘अर्नब’ और ‘वर्षा’ जैसे नाम इस चक्रवात के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों की कहानी से जुड़ गए हैं. (PTI)

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