Ethanol Plant Issue: हनुमानगढ़ में किसानों का फिर एक बार हल्ला बोल, इन मांगों को लेकर करेंगे महापंचायत

Ethanol Plant Issue: हनुमानगढ़ में किसानों का फिर एक बार हल्ला बोल, इन मांगों को लेकर करेंगे महापंचायत

हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गरमा गया है. किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अब एक बड़े आंदोलन का ऐलान किया है.

किसानों का हल्ला बोलकिसानों का हल्ला बोल
गुलाम नबी
  • Hanumangarh,
  • Jan 03, 2026,
  • Updated Jan 03, 2026, 8:50 AM IST

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि, फैक्ट्री संचालकों ने जनविरोध को देखते हुए फैक्ट्री लगाने का निर्णय वापस लेने की बात कही है, लेकिन तकनीकी रूप से सरकार द्वारा अभी तक एमओयू (MOU) रद्द नहीं किए जाने और किसानों पर हुए मुकदमे वापस न लेने से किसानों में नाराजगी हैं. इसी मुद्दे को लेकर किसानों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सरकार को चेतावनी दी और आगामी 7 जनवरी को संगरिया में विशाल किसान महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है.

क्यों है किसानों में नाराजगी?

प्रेस वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन या निर्णय वापसी की घोषणा से संघर्ष समाप्त नहीं होगा. उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

MOU का आधिकारिक निरस्तीकरण: किसानों का कहना है कि जब तक फैक्ट्री से संबंधित एमओयू को आधिकारिक रूप से रद्द नहीं किया जाता, तब तक फैक्ट्री लगने का खतरा बना रहेगा.

किसानों पर हुए मुकदमे वापस हों: किसानों पर  हुए मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाए जो कि अभी तक वापस नहीं लिए गए है

पर्यावरण और स्वास्थ्य की चिंता: किसानों को डर है कि इथेनॉल फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण से इलाके का भूजल दूषित होगा और खेती और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.

7 जनवरी को महापंचायत की तैयारी

​किसान नेताओं ने बताया कि इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने के लिए 7 जनवरी को संगरिया में जिले भर के किसान जुटेंगे.
​उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले. निर्णय वापस लेने की बात तो कही गई है, लेकिन कागजों में अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, ऐसे में जब तक एमओयू पूरी तरह रद्द नहीं होता, हमारा विरोध जारी रहेगा.

​हजारों की संख्या में जुटेंगे किसान

इस महापंचायत में संगरिया, टिब्बी, हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से   करीब 50 हजार की संख्या में किसानों के पहुंचने की संभावना है. किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगें मनवा कर ही दम लेंगे और यदि महापंचायत के बाद भी समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

देखना होगा कि आज की प्रेस वार्ता में जिस तरह से किसान नेताओं ने चेतावनी दी है, उसके बाद में प्रशासन का क्या रुख रहता है. क्या वह सरकार से एमओयू रद्द करवाने के लिए बात करते हैं या फिर 7 जनवरी को एक बार फिर किसानों की महापंचायत होगी. 

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