
महाराष्ट्र में गन्ने के उचित दाम की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन अब खत्म हो गया है. दरअसल, पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोल्हापूर किनी टोल प्लाजा हाईवे पर पिछले 61 घंटों से जारी स्वाभिमानी शेतकरी संगठन का चक्का जाम आंदोलन आखिरकार देर रात एक बजे स्थगित कर दिया गया. कोल्हापुर जिलाधिकारी कार्यालय में मंत्री हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में हुई लंबी बैठक के बाद चीनी मिल मालिकों ने गन्ने के संशोधित भुगतान का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए पूर्व सांसद और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के संस्थापक राजू शेट्टी ने आंदोलन स्थगित करने की आधिकारिक घोषणा की.
इस फैसले के बाद शनिवार को बुलाया गया ‘कोल्हापुर बंद’ भी वापस ले लिया गया है. इसके साथ ही पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सांगली और सातारा जिलों की चीनी मिलों में पेराई शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है.
जिलाधिकारी कार्यालय में मंत्री हसन मुश्रीफ, विधायक प्रकाश आवाडे और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद संगठन के सामने निम्नलिखित प्रस्ताव रखा गया.
पहला भुगतान: गन्ने के लिए प्रति टन 4,900 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किए जाएंगे.
पेराई सत्र समाप्त होने के बाद: प्रति टन 100 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे.
चीनी की कीमत के आधार पर: चीनी का भाव 4,500 रुपये तक पहुंचने पर गन्ने के लिए प्रति टन 200 रुपये और दिए जाएंगे. मूल विवरण में चीनी के इस भाव की इकाई ‘प्रति टन’ लिखी गई है, इसकी पुष्टि आवश्यक है.
इस तरह 3,900 + 100 + 200 के फॉर्मूले के तहत किसानों को गन्ने के लिए प्रति टन कुल 4,200 रुपये तक भुगतान मिलने का प्रस्ताव है. अतिरिक्त 200 रुपये का भुगतान चीनी की कीमत से जुड़ी शर्त पर निर्भर रहेगा.
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में रखे गए प्रस्ताव की जानकारी राजू शेट्टी और आंदोलनकारी किसानों को दी. इसके बाद राजू शेट्टी ने किनी टोल नाके पर मौजूद हजारों किसानों से संवाद किया. किसानों की सहमति मिलने पर उन्होंने 61 घंटे बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की. घोषणा के बाद आंदोलन स्थल पर खुशी का माहौल छा गया. किसानों और कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर, आतिशबाजी करके और फूल और गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया.
वहीं, करीब तीन दिनों तक चले इस आंदोलन के कारण पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा. सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक ट्रक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. (दीपक सूर्यवंशी की रिपोर्ट)