
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) जारी कर दिया है. 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया यह प्लान तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. इसके तहत वायु गुणवत्ता खराब होने के साथ प्रदूषण नियंत्रण के उपाय भी चरणबद्ध तरीके से कड़े किए जाएंगे. संशोधित GRAP में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के स्तर के हिसाब से चार स्टेज बनाए गए हैं. AQI 201 से 300 के बीच रहने पर स्टेज-1, 301 से 400 पर स्टेज-2, 401 से 450 पर स्टेज-3 और 450 से ऊपर जाने पर स्टेज-4 लागू होगा.
स्टेज-1 में हवा को 'खराब', स्टेज-2 में 'बहुत खराब', स्टेज-3 में 'गंभीर' और स्टेज-4 में 'गंभीर प्लस' श्रेणी में रखा गया है. हर अगले चरण के साथ प्रदूषण कम करने के लिए अतिरिक्त कदम लागू किए जाएंगे. CAQM के नए प्लान में कुल 48 एक्शन पॉइंट शामिल किए गए हैं. इनमें स्टेज-1 के तहत 25, स्टेज-2 में 8, स्टेज-3 में 10 और स्टेज-4 में 5 अतिरिक्त कार्रवाइयां तय की गई हैं. इसके अलावा प्रत्येक चरण के लिए सिटिजन चार्टर भी दिया गया है. इसमें प्रदूषण के अलग-अलग स्तर पर आम लोगों से अपेक्षित व्यवहार और किन गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है, इसकी जानकारी दी गई है.
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए GRAP में पार्किंग फीस बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है. गंभीर प्रदूषण की स्थिति में अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क बढ़ाया जा सकता है. इसका उद्देश्य लोगों को निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
वायु गुणवत्ता ज्यादा खराब होने पर स्कूलों की पढ़ाई पर भी असर पड़ सकता है. दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड मोड लागू किया जा सकता है. इसमें छात्रों को स्कूल जाकर या ऑनलाइन पढ़ाई करने का विकल्प मिल सकता है.
अगर AQI 450 से ऊपर पहुंचता है और GRAP का स्टेज-4 लागू होता है, तो कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिए भी हाइब्रिड शिक्षा का विकल्प लागू किया जा सकता है.
प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर होने पर सरकारी, नगर निकाय और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति घटाई जा सकती है. ऐसे हालात में 50 फीसदी स्टाफ को ऑफिस से काम कराने और बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का फैसला लिया जा सकता है. इस कदम का उद्देश्य ऑफिस आने-जाने वाले वाहनों की संख्या कम करना और सड़कों पर यातायात से होने वाले प्रदूषण को घटाना है.
GRAP का सबसे सख्त चरण स्टेज-4 है. यह तब लागू होगा जब AQI 450 के पार चला जाएगा. इस स्थिति में दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
निर्धारित श्रेणी के स्वच्छ ईंधन वाले और BS-6 मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही अनुमति दिए जाने का प्रावधान है. वहीं BS-4 और उससे पुराने डीजल वाले भारी मालवाहक वाहनों पर भी सख्ती की जाएगी.
स्टेज-4 में निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कार्यों पर भी स्टेज-3 के मुकाबले अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे. हालांकि, संशोधित व्यवस्था में स्टेज-3 के दौरान कुछ जरूरी सार्वजनिक कार्यों को लेकर प्रावधान किया गया है. सड़क के गड्ढे भरने और आवश्यक मरम्मत जैसे काम निर्धारित नियमों तथा प्रदूषण नियंत्रण उपायों के पालन के साथ किए जा सकेंगे.
CAQM ने 10 सितंबर को जारी अपनी एडवाइजरी का भी उल्लेख किया है. इसमें NCR में नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रस्तावित फिजिकल स्पोर्ट्स टूर्नामेंट को वायु गुणवत्ता की स्थिति को ध्यान में रखकर आयोजित करने की सलाह दी गई थी. विशेष रूप से स्कूली बच्चों से जुड़े खेल आयोजनों की तारीख तय करते समय उस अवधि के संभावित प्रदूषण स्तर को ध्यान में रखने की बात कही गई है. जरूरत पड़ने पर आयोजनों की तारीख बदलने पर भी विचार किया जा सकता है.
संशोधित GRAP की व्यवस्था का आधार यह है कि प्रदूषण के बेहद गंभीर स्तर तक पहुंचने का इंतजार किए बिना AQI के अलग-अलग स्तरों पर पहले से तय कदम लागू किए जाएं. यानी AQI 201 के पार जाते ही शुरुआती उपाय शुरू होंगे और हवा की गुणवत्ता बिगड़कर 450 से ऊपर पहुंचने पर सबसे कड़े प्रतिबंध लागू किए जा सकेंगे. इस तरह दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की स्थिति के मुताबिक चरणबद्ध तरीके से प्रशासनिक और नागरिक उपाय बढ़ाए जाएंगे. (सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)