बिदादी में बवाल: कई किसानों पर FIR, कत्ल की कोशिश, धमकी और बलवा की धारा में केस दर्ज

बिदादी में बवाल: कई किसानों पर FIR, कत्ल की कोशिश, धमकी और बलवा की धारा में केस दर्ज

कर्नाटक के बिदादी में भूमि अधिग्रहण के सर्वे के दौरान किसानों का हिंसक विरोध. सर्वे अधिकारियों और पुलिस पर हमला, इंस्पेक्टर समेत दो घायल, वाहनों में तोड़फोड़. मामला दर्ज.

Bidadi AI Township ProtestBidadi AI Township Protest
सगय राज
  • Bengaluru,
  • Jul 14, 2026,
  • Updated Jul 14, 2026, 1:07 PM IST

कर्नाटक के बिदादी टाउनशिप मामले में विवाद बढ़ गया है. रामनगर जिले के बिदादी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंडलाहल्ली गांव में सोमवार को भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे टीम पहुंची थी जिस पर किसानों ने हमला बोल दिया और भगा दिया. इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस घटना में पुलिस दल पर भी हमले का आरोप है. इस घटना में बिदादी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर और सर्वे टीम के एक सदस्य के घायल होने की खबर है. अब इस मामले में कई किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

घटना क्या है?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को बिदादी के बायरामंगला और कंचुगरनहल्ली ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण का सर्वे का काम चल रहा था. सर्वे टीम में महेश (सर्वे हेड), निश्चिंत (सिविल इंजीनियर), रोहिणी (वन विभाग), मंजूनाथ (बागवानी विभाग) और कीर्तना (जीएमसी हेड) शामिल थे. यह टीम इनोवा (KA-05-NH-9228) और टाटा सूमो (KA-42-N-3918) में सवार होकर सर्वे संख्या 3/2 की पैमाइश करने पहुंची थी.

विरोध और हिंसा

सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे, जब टीम अपना काम कर रही थी, तभी दर्जनों की संख्या में किसान वहां गोलबंद हो गए. आरोप है कि प्रदर्शनकारी किसानों ने लाठी, डंडों और पत्थरों से लैस होकर सर्वे के काम में बाधा डाली. देखते ही देखते विरोध हिंसक हो गया. किसानों ने अधिकारियों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी.

मौके पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर मुरली ने जब स्थिति को नियंत्रित करने और अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया, तो भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया. इंस्पेक्टर के अनुसार, एक व्यक्ति ने जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर पत्थर से वार किया. इस हमले में इंस्पेक्टर और सर्वे हेड महेश घायल हो गए. इंस्पेक्टर को इलाज के लिए रामनगर जिला अस्पताल ले जाना पड़ा.

संपत्ति को नुकसान

उपद्रवी किसानों ने सर्वे टीम के वाहनों को भी निशाना बनाया. पत्थरों के हमले से इनोवा और टाटा सूमो की खिड़कियों के कांच पूरी तरह टूट गए, जिससे गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है.

पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में रामनगर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, हिंसा भड़काने, जानलेवा हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपद्रवियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. इलाके में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. 

इन धाराओं में FIR

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत लगाए गए आरोप और धारा की जानकारी कुछ इस प्रकार है-

  • BNS धारा 109(1): हत्या की कोशिश
  • BNS धारा 189(2) और 190: अपराध करने के लिए गैर-कानूनी भीड़ जमा करना
  • BNS धारा 126(2): सरकारी कर्मचारियों को उनके काम में बाधा डालना या रोकना
  • BNS धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान करना
  • BNS धारा 351: आपराधिक धमकी
  • BNS धारा 115(2) और 118(1): जान-बूझकर चोट पहुंचाना या हमला करना
  • BNS धारा 132: सरकारी कर्मचारी पर हमला करना या उनके काम में बाधा डालना
  • BNS धारा 133: सरकारी कर्मचारी का अपमान करने या उन्हें काम से रोकने के इरादे से उन पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना
  • BNS धारा 74: महिला पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना

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