
देश की मंडियों में प्याज की कीमतों में मजबूती का दौर जारी है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एगमार्कनेट (Agmarknet) आंकड़ों के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में प्याज का औसत थोक भाव बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया. यह स्तर पिछले साल की समान अवधि के 1,328.49 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में 51.5% अधिक है. प्रमुख सब्जियों में प्याज ने सबसे मजबूत ट्रेंड दिखाया है, जिससे बाजार में इसकी स्थिति अन्य फसलों की तुलना में अधिक मजबूत बनी हुई है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर दाम मिलने, नियंत्रित आपूर्ति और मजबूत मांग के कारण प्याज के भाव ऊंचे बने हुए हैं. हालांकि हाल के सप्ताहों में तेजी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, लेकिन बाजार का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है.
प्याज की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान बहुत अच्छा सुधार देखने को मिला है. जुलाई 2025 में जहां औसत थोक भाव 1,328.49 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं इस साल यह बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया.
यह बढ़ोतरी बताती है कि पिछले साल के कुछ कमजोर बाजार से प्याज की कीमतों ने मजबूत वापसी की है. हालांकि वर्तमान स्तर अभी भी जुलाई 2024 के 2,658.87 रुपये प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर से 24.3% नीचे है. इससे संकेत मिलता है कि बाजार में मजबूती तो है, लेकिन दो साल पहले देखे गए असाधारण ऊंचे स्तर अभी हासिल नहीं हुए हैं.
वहीं, यदि जुलाई 2023 के आंकड़ों से तुलना की जाए तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है. उस समय प्याज का औसत थोक भाव केवल 1,215.75 रुपये प्रति क्विंटल था. मौजूदा कीमतें उस स्तर से 65.55% अधिक हैं, जो पिछले कुछ साल में प्याज बाजार में देखी गई भारी उतार-चढ़ाव के बारे में बताती है.
प्याज के भाव केवल सालाना आधार पर ही नहीं, बल्कि मासिक स्तर पर भी लगातार मजबूत बने हुए हैं. 26 जून 2026 को औसत थोक भाव 1,844.85 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था. इसके मुकाबले एक महीने में कीमतों में 9.09% की वृद्धि हुई है.
यह संकेत देता है कि जून के अंत से बाजार में मांग और किसानों को मिलने वाले दाम दोनों मजबूत बने हुए हैं. किसानों और व्यापारियों को भी बेहतर कीमतों का लाभ मिल रहा है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है.
हालांकि प्याज की कीमतों में वृद्धि जारी है, लेकिन हालिया सप्ताहों में तेजी की रफ्तार कुछ कम हुई है. 19 जुलाई 2026 को औसत थोक भाव 1,989.24 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 26 जुलाई तक बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल हो गया.
इस दौरान कीमतों में केवल 1.17% की साप्ताहिक बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे संकेत मिलता है कि बाजार में तेजी अभी बरकरार है, लेकिन पिछले महीनों की तुलना में कीमतों में बढ़ोतरी की गति धीरे-धीरे संतुलित हो रही है.
प्याज की कीमतों में बीते तीन साल के दौरान काफी अस्थिरता देखने को मिली है. जुलाई 2023 में कीमतें निचले स्तर पर थीं, जबकि जुलाई 2024 में अचानक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं. इसके बाद 2025 में गिरावट दर्ज हुई और अब 2026 में फिर से मजबूत सुधार देखा जा रहा है.
यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि प्याज का बाजार उत्पादन, भंडारण, मौसम और सप्लाई जैसे कारणों के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील बना हुआ है.
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल प्याज बाजार में मजबूती बनी रहने की संभावना है क्योंकि कीमतें पिछले साल की तुलना में काफी ऊपर हैं और मासिक आधार पर भी बढ़ोतरी जारी है. हालांकि साप्ताहिक वृद्धि की गति में कमी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में बाजार अधिक संतुलित रुख अपना सकता है.
आने वाले सप्ताहों में नई आवक, भंडार की स्थिति, मांग और मॉनसूनी परिस्थितियां प्याज की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी. फिलहाल बाजार मजबूत है और किसानों को पिछले साल की तुलना में कहीं बेहतर मूल्य मिल रहे हैं.