धान खरीद से पहले हरियाणा सरकार की किसानों को सलाह, सूखी फसल ही मंडियों में लाएं, MSP खरीद जल्द शुरू होने के संकेत

धान खरीद से पहले हरियाणा सरकार की किसानों को सलाह, सूखी फसल ही मंडियों में लाएं, MSP खरीद जल्द शुरू होने के संकेत

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार सूखी धान ही मंडियों में लेकर आएं ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि धान खरीद जल्द शुरू होने वाली है और सरकार किसानों और आढ़तियों की जायज मांगों के साथ खड़ी है. वहीं, कुरुक्षेत्र में किसान संगठनों ने 15 सितंबर से MSP पर धान खरीद शुरू करने की मांग उठाई है.

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क‍िसान तक
  • पानीपत/कुरुक्षेत्र ,
  • Sep 15, 2026,
  • Updated Sep 15, 2026, 12:35 PM IST

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी खरीद के लिए केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप सूखी धान ही मंडियों में लेकर आएं. उन्होंने कहा कि धान खरीद का सीजन शुरू होने वाला है और यदि किसान नमी की निर्धारित सीमा का पालन करेंगे तो खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी.

पानीपत स्थित बीजेपी कार्यालय में जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट के साथ पत्रकारों से बातचीत करते हुए राणा ने कहा कि सरकार किसानों और आढ़तियों की जायज मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि धान प्रदेश की प्रमुख खरीफ फसलों में से एक है और बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को समय पर कृषि कार्य करने के साथ वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना चाहिए.

फसल की नियमित निगरानी के निर्देश

कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी लगातार खेतों का दौरा कर धान की फसल की स्थिति का आकलन कर रहे हैं. विभाग की ओर से उपज, पौधों की स्थिति, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता तथा कीट और रोगों के प्रकोप पर निगरानी रखी जा रही है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपनी फसल का निरीक्षण करें और किसी भी समस्या की स्थिति में कृषि विभाग के अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें.

राणा ने कहा कि केंद्र सरकार साल 2047 तक प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लक्ष्य पर काम कर रही है और हरियाणा में भी इस दिशा में बड़े प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाने और गोबर से तैयार खाद के उपयोग को बढ़ाने की अपील की. उनका कहना था कि प्राकृतिक खेती से लागत घटती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन का भी जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा ने पराली प्रबंधन के क्षेत्र में बहुत बड़ा काम किया है. जागरुकता अभियानों और सरकारी प्रयासों के कारण किसानों में पराली न जलाने को लेकर सकारात्मक बदलाव आया है, जिसकी सराहना उच्च स्तर पर भी की गई है.

15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की मांग

इस बीच, कुरुक्षेत्र में कृषि से जुड़े मुद्दों को लेकर किसानों की एक बड़ी महापंचायत आयोजित हुई, जिसमें अलग-अलग किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सैकड़ों किसानों ने भाग लिया. करीब तीन घंटे तक चली इस महापंचायत में किसानों और पशुपालकों से जुड़े नौ प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई.

महापंचायत में शामिल 10 किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से मांग की कि धान की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 15 सितंबर से शुरू की जाए. किसानों का कहना है कि फसल तैयार है और यदि समय पर खरीद शुरू नहीं हुई तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आगे की रणनीति तय करने के लिए फिर बैठक बुलाई जाएगी.

किसानों ने अभी हाल में अपनी मांगों का एक ज्ञापन कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा को भी सौंपा. ज्ञापन में मंडियों और खरीद व्यवस्था से जुड़ी कई मांगें शामिल थीं. किसानों ने कहा कि मौजूदा मंडियां बढ़ते उत्पादन और फसल आवक के मुकाबले पर्याप्त नहीं हैं. इसलिए हर पांच किलोमीटर पर नए खरीद केंद्र और उप-मंडियों की स्थापना की जाए ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े.

हरियाणा में सामान्य तौर पर धान खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होती है. हालांकि पिछले साल सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीद कार्य 22 सितंबर से ही शुरू कर दिया था. इसी वजह से इस बार भी किसानों को उम्मीद है कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित समय से पहले शुरू की जा सकती है.

दूसरी ओर, राज्य सरकार खरीद सीजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है. मंडियों में बुनियादी सुविधाओं, भंडारण व्यवस्था और खरीद केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है ताकि किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी न हो और MSP पर खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सके.

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