CM मोहन यादव का औचक निरीक्षण: गेहूं खरीद केंद्र पहुंचे, किसानों से की बातचीत

CM मोहन यादव का औचक निरीक्षण: गेहूं खरीद केंद्र पहुंचे, किसानों से की बातचीत

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खरगोन जिले के गेहूं खरीद केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से बातचीत की. सरकार ने खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुविधाएं बढ़ाई हैं, वहीं विपक्ष ने मुख्यमंत्री के दावों और कामकाज पर सवाल उठाए हैं.

Wheat Procurement Madhya PradeshWheat Procurement Madhya Pradesh
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Apr 30, 2026,
  • Updated Apr 30, 2026, 7:05 PM IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को खरगोन जिले के कटारगांव में गेहूं खरीद केंद्र का अचानक दौरा किया और किसानों से बातचीत करते हुए वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले ही कहा था कि वह इस तरह के दौरे करेंगे.

अधिकारी ने बताया, "नर्मदा नदी के किनारे स्थित महेश्वर कस्बे में रात बिताने के बाद, आज सुबह उन्होंने कटारगांव स्थित खरीद केंद्र का अचानक दौरा किया. इस दौरे के दौरान, उन्होंने खरीद की व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने किसानों से चर्चा की और उनके साथ चाय भी पी. उन्होंने केंद्र से जुड़े लोगों को जरूरी निर्देश भी दिए."

उन्होंने आगे बताया कि अब किसान जिले के किसी भी खरीद केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं. इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसानों को अपने गेहूं के वजन के लिए इंतजार न करना पड़े, खरीद केंद्रों पर वजन करने वाली मशीनों (तराजू) की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है.

मंडियों में कई सुविधाएं मौजूद

अधिकारी ने बताया कि खरीद केंद्रों पर बारदाने (बोरे), वजन करने वाली मशीनें, हम्माल (मजदूर), सिलाई मशीनें, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, कूपन, क्वालिटी जांच उपकरण, पंखे, छलनी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

उन्होंने कहा, "सरकार ने फीके रंग वाले गेहूं की सीमा भी बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है. सिकुड़े हुए दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है. किसानों से खरीदे जाने वाले खराब दानों की सीमा भी बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है. अब तक, राज्य में 9.83 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं."

अब तक, राज्य में 5.8 लाख से अधिक किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है. अधिकारी ने बताया कि पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था.

अधिकारी ने आगे बताया कि इस साल, (पश्चिम एशिया में) युद्ध जैसी खराब परिस्थितियों के बावजूद, सरकार ने किसानों के हित में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

उन्होंने बताया कि यादव ने शाजापुर जिले के मकोड़ी गांव में स्थित गेहूं खरीद केंद्र का भी अचानक निरीक्षण किया. बाद में, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए, CM यादव ने कहा कि एग्जिट पोल कांग्रेस के लिए एक आईना हैं, जो धीरे-धीरे देश से गायब हो रही है और अब डूबती हुई स्थिति में है.

विपक्ष का हमला

दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निशाना साधा है. पटवारी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, जिस तरह मुख्यमंत्री जी को यह नहीं पता कि गुड़ खेत में नहीं उगता, एक बीघा में 50 क्विंटल गेहूं नहीं होता, ठीक उसी तरह उनके अधिकारियों को भी यह नहीं पता कि गर्मी में कौन सी फसल उगाई जानी चाहिए. 

पटवारी ने आगे लिखा, जिस CM किसान हेल्पलाइन की वाहवाही मोहन यादव जी हर मंच से लूटते थे, आज उन्होंने रील बनवाने के लिए उसी CM किसान हेल्पलाइन पर फोन लगाया और किसान बनकर सवाल किया. जवाब आया: “हमें इसकी जानकारी नहीं है!” यह है विज्ञापन के ‘किसान पुत्र’ मोहन यादव और उनकी सरकार!

MORE NEWS

Read more!