
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को 2026 के पद्म पुरस्कार पाने वालों की लिस्ट की घोषणा हो चुकी है. इसमें देश भर से 45 गुमनाम नायकों को सामाजिक कार्य, कृषि साहित्य और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सार्वजनिक सेवा और सामुदायिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया. इसमें कई कृषि वैज्ञानिक और किसानों का नाम भी शामिल है. पुरस्कार पाने वालों में ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने दशकों तक ज़मीनी स्तर पर चुपचाप काम किया है, जिनमें से कई हाशिये पर पड़े समुदायों, दलित और पिछड़े वर्गों, आदिम जनजातियों और दूरदराज या मुश्किल इलाकों से आते हैं. इस लिस्ट में पूसा के पूर्व निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह, पूर्व एनबीए और PPVFRA के अध्यक्ष डॉ. पी एल. गौतम, TNAU के पूर्व वीसी डॉ. के. रामासामी, RPCAU के पूर्व वीसी डॉ. जी. जे. त्रिवेदी और TANVASU के पूर्व डीन डॉ एन पुन्नियमूर्ति के नाम की पद्म पुरस्कार के लिए घोषणा हुई है. इन पांच कृषि वैज्ञानिकों के अलावा 4 किसानों को भी पुरस्कार मिलेगा.
बता दें कि गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार इस साल कुल 131 पद्म पुरस्कार दिए जाएंगे. इन पद्म पुरस्कारों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं. इस बार सूची में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें मरणोपरांत (Posthumous) सम्मान दिया जाएगा. राष्ट्रपति भवन में होने वाले औपचारिक समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. खास बात ये भी है कि इस लिस्ट में खेती और किसानी के क्षेत्र से जुड़े भी कई नाम शामिल हैं. इसमें उत्तर प्रदेश के किसान रघुपत सिंह का नाम शामिल है जिन्हें मरणोपरांत पद्म सम्मान के लिए चुना गया है. इसके अलावा असम के रेशम किसान जोगेश देउरी को पद्मश्री के लिए चुना गया है. वहीं पशुपालन के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए तेलंगाना के रामा रेड्डी मामिदी का नाम सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा महाराष्ट्र के प्रगतिशील किसान श्रीरंग देवाबा लाड को पद्म सम्मान को लिए चुना गया है.
बता दें कि पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं और ये तीन कैटेगरी में दिए जाते हैं - पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री. पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए, और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है.
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