
बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती का बड़ा भंडाफोड़ किया है. दरअसल, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर लाखों रुपये कीमत की अफीम की फसल को नष्ट कर दिया है. यह कार्रवाई भोरे थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में की गई, जहां करीब चार धुर जमीन में अफीम की खेती की जा रही थी. पुलिस ने मौके से एक 18 वर्ष से कम उम्र के एक बच्चे को भी "निरुद्ध" (Detained) किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, गोपालगंज पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भोरे थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है. सूचना मिलते ही एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर हथुआ एसडीएम अभिषेक कुमार चंदन और हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब चार धुर जमीन में उगाई गई अफीम की फसल जो पूरी तरह तैयार होने के कगार पर थी उसे नष्ट कर दिया है.
बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है. टीम ने मौके पर ही पूरी अफीम की फसल को नष्ट कर दिया. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने मौके से एक पुलिस ने मौके से एक 18 वर्ष से कम उम्र के एक बच्चे को भी निरुद्ध किया है और उससे पूछताछ की जा रही है. वहीं, हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध अफीम की खेती के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में लाखों रुपये कीमत की अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ कर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं, आनंद मोहन गुप्ता, एसडीपीओ, हथुआ ने बताया कि भोरे थाना अंतर्गत रघुनाथपुर गांव में अफीम की खेती की सूचना मिली थी, पुलिस ने चार धुर में लगे अफीम की फसल को नष्ट करते हुए एक बालक को हिरासत में लिया है. (विकास कुमार दुबे की रिपोर्ट)