EIMA Agrimach: जेंडर-फ्रेंडली मशीनें और ग्रीन-फ्यूल टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ने की जरूरत, फार्म मशीनरी इंडस्ट्री से कृषि मंत्रालय ने की ये अपील

EIMA Agrimach: जेंडर-फ्रेंडली मशीनें और ग्रीन-फ्यूल टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ने की जरूरत, फार्म मशीनरी इंडस्ट्री से कृषि मंत्रालय ने की ये अपील

27 से 29 नवंबर तक पूसा के IARI ग्राउंड में हुए एग्ज़िबिशन में लगभग 20,000 किसान आए, जिनमें ज़्यादातर उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और ओडिशा से थे. इस दौरान, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी ने पर्यावरण के अनुकूल कृषि टेक्नोलॉजी की ओर बदलाव की अपील की.

EIMA Agrimach India 2025EIMA Agrimach India 2025
क‍िसान तक
  • नोएडा,
  • Nov 30, 2025,
  • Updated Nov 30, 2025, 1:22 PM IST

एग्री-मशीनरी, इक्विपमेंट और एग्री-टेक सॉल्यूशंस पर 9वीं इंटरनेशनल एग्जीबिशन और कॉन्फ्रेंस, EIMA एग्रीमैच इंडिया 2025 कल नई दिल्ली में खत्म हुआ. इस दौरान कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने फार्म मशीनरी इंडस्ट्री से ग्रीन-फ्यूल-बेस्ड टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ने का आग्रह किया. यह इवेंट FICCI और इटली की एग्रीकल्चर इंडस्ट्री बॉडी FederUnacoma ने मिलकर ऑर्गनाइज़ किया था, जिसमें भारत के फार्म सेक्टर के लिए सस्टेनेबल मैकेनाइजेशन पर फोकस किया गया.

'ग्रीन फ्यूल की तरफ ले जाना चाहिए टेक्नोलॉजी'

27 से 29 नवंबर तक पूसा के IARI ग्राउंड में हुई इस एग्ज़िबिशन में लगभग 20,000 किसान आए, जिनमें ज़्यादातर उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और ओडिशा से थे. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की रिलीज़ के मुताबिक, 4,000 से ज़्यादा घरेलू डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर, भारत और विदेश की 180 से ज़्यादा कंपनियां और 100 विदेशी खरीदार इसमें शामिल हुए. इटली पार्टनर देश था, और नीदरलैंड, जापान, USA और पोलैंड जैसे दूसरे देशों ने भी इसमें हिस्सा लिया.

इस आयोजन में मुख्य भाषण देते हुए, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी ने पर्यावरण के अनुकूल कृषि टेक्नोलॉजी की ओर बदलाव की अपील की. उन्होंने कहा कि अगले 5-10 सालों में हमें अपनी टेक्नोलॉजी को ग्रीन फ्यूल की तरफ ले जाना चाहिए, चाहे वह बिजली से चलने वाले ट्रैक्टर हों या कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) पर चलने वाली मशीनें. इस बदलाव से किसानों के लिए मेंटेनेंस और ऑपरेशनल कॉस्ट दोनों कम हो जाएंगे. हमारी स्कीमें ग्रीन-फ्यूल-बेस्ड टेक्नोलॉजी को ज़्यादा प्राथमिकता देंगी.

'जेंडर-फ्रेंडली इक्विपमेंट बनाने की जरूरत'

देवेश चतुर्वेदी ने इंडस्ट्री से जेंडर-फ्रेंडली इक्विपमेंट डिज़ाइन करने की भी अपील की, यह देखते हुए कि महिला किसान भारत के खेती के लक्ष्यों को पाने में अहम भूमिका निभाती हैं. उन्होंने कहा कि यूनाइटेड नेशंस द्वारा 2026 को महिला किसानों का इंटरनेशनल साल घोषित किए जाने के साथ, प्रैक्टिकल डिज़ाइन सुधारों के ज़रिए उनके काम का बोझ कम करने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि खेती के ज़्यादातर मुश्किल काम औरतें करती हैं, और इसलिए हमें और ज़्यादा जेंडर-फ्रेंडली इक्विपमेंट की ज़रूरत है, चाहे वे मैनुअल हों या मोटर वाले, जो सच में उनका काम का बोझ कम करें.

भारत में इटली के एम्बेसडर, एंटोनियो बार्टोली ने उम्मीद जताई कि खेती के सेक्टर में दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए जल्द ही नई दिल्ली में इटली की एम्बेसी में एक कृषि अताशे नियुक्त किया जाएगा. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी, अनबालागन पी. ने किसानों की बड़ी संख्या और घरेलू और विदेशी कंपनियों की एक्टिव भागीदारी की तारीफ की और इसे एग्ज़िबिशन की सफलता का संकेत बताया.

भारत के एग्री-मशीनरी सेक्टर को लेकर बड़ा अनुमान

TAFE में ऑर्गनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन और ग्रुप प्रेसिडेंट टी. आर. केसवन ने कहा कि इंडस्ट्री को "एग्रीकल्चर को एक सर्विस के तौर पर" बढ़ावा देना चाहिए, और कहा कि सीडर जैसी मशीनरी शेयर करना छोटे किसानों के लिए ज़्यादा कॉस्ट-इफेक्टिव होगा. फेडरउनाकोमा की डायरेक्टर जनरल सिमोना रापास्टेला ने भारत-इटली सहयोग की मजबूत संभावनाओं पर ज़ोर दिया, और एक इटैलियन ट्रेड एजेंसी की रिपोर्ट का ज़िक्र किया, जिसमें 2023 में भारत के एग्री-मशीनरी सेक्टर की वैल्यू USD 13.7 बिलियन आंकी गई थी और 2033 तक इसके USD 31.6 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था.

इवेंट के दौरान 'फार्म मैकेनाइजेशन: द पाथ टूवर्ड्स ए फ्यूचर-रेडी इंडिया' टाइटल वाली FICCI-PwC की रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें फूड सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए मैकेनाइजेशन की जरूरत पर जोर दिया गया. FICCI नेशनल एग्रीकल्चर कमेटी के को-चेयरमैन और कोर्टेवा एग्रीसाइंस के साउथ एशिया प्रेसिडेंट, सुब्रतो गीद ने कहा कि भारत के लिए अपने फूड फ्यूचर को सुरक्षित करने के लिए, प्रोडक्टिविटी में सुधार करना बहुत जरूरी है. मैकेनाइजेशन इस बदलाव का एक अहम हिस्सा है. इटैलियन ट्रेड एजेंसी की डिप्टी ट्रेड कमिश्नर सबरीना मैंगियालावोरी ने बताया कि भारतीय किसान जुताई, बुवाई, सिंचाई, फसल सुरक्षा और थ्रेसिंग जैसे मॉडर्न मैकेनिकल तरीकों को अपना रहे हैं. गौरतलब है कि EIMA एग्रीमैच का 10वां एडिशन अगले साल इटली में होस्ट किया जाएगा.

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