देवरिया में किसानों की निकली लॉटरी, ट्रैक्टर जीतकर चमके खुर्शीद आलम

देवरिया में किसानों की निकली लॉटरी, ट्रैक्टर जीतकर चमके खुर्शीद आलम

उत्तर प्रदेश के देवरिया में योगी सरकार की नई पहल के तहत गेहूं-धान बेचने वाले किसानों को लॉटरी के माध्यम से पुरस्कार दिए गए. 29 किसानों को ट्रैक्टर, एलईडी टीवी और अन्य उपहार मिले. इस योजना का उद्देश्य किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर उपज बेचने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है.

किसानों को लॉटरी से मिल रहे ट्रैक्टर और गिफ्टकिसानों को लॉटरी से मिल रहे ट्रैक्टर और गिफ्ट
राम प्रताप सिंह
  • Deoria,
  • Mar 26, 2026,
  • Updated Mar 26, 2026, 4:35 PM IST

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना शुरू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसान सरकारी केंद्रों पर अपना धान और गेहूं बेचें. इससे उन्हें सही कीमत मिलेगी और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. इस योजना के तहत देवरिया में सरकारी केंद्रों पर गेहूं और धान बेचने वाले 29 किसानों को लॉटरी के माध्यम से चुना गया और उन्हें इनाम दिया गया. बुधवार को मंडी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें भाजपा के सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने इन किसानों का माला पहनाकर स्वागत किया और पुरस्कार दिए.

पहला इनाम मिला ट्रैक्टर

सबसे पहला इनाम खुर्शीद आलम को मिला. उन्हें ट्रैक्टर दिया गया. विधायक खुद किसान के साथ ट्रैक्टर पर बैठे. यह देख सभी किसान बहुत खुश हुए.

इनाम में मिला ये सब

इसके अलावा अन्य किसानों को भी एलईडी टीवी, ग्राइंडर, मिक्सर जूसर और अन्य छोटे कृषि उपकरण दिए गए. यह इनाम किसानों को उत्साहित करने और उन्हें अच्छी खेती करने के लिए प्रेरित करने के लिए दिया गया.

खुर्शीद आलम ने कहा कि वह बहुत खुश हैं. उन्हें यह भी अच्छा लगा कि सरकार किसी जाति या धर्म से भेद नहीं करती. उनके साथी किसान और फल विक्रेता इशराफिल ने भी कहा कि यह योजना हिन्दू-मुस्लिम में भेदभाव नहीं करती. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इनाम देने का मकसद यह है कि किसान अच्छी और प्रगतिशील खेती करें. इससे हमारा देश समृद्ध होगा. उन्होंने कहा कि मोदी जी और योगी जी की सरकार में मेरिट देखी जाती है, किसी की पृष्ठभूमि नहीं देखी जाती. इसका उदाहरण खुश्रीद आलम हैं, जिन्हें पहला पुरस्कार ट्रैक्टर मिला.

लॉटरी सिस्टम कैसे काम करता है

मंडी सचिव दिवाकर उपाध्याय ने बताया कि जो किसान सरकारी या लाइसेंसी व्यापारियों को अपना अनाज बेचते हैं, उन्हें सिक्स आर फॉर्म मिलता है. यह फॉर्म मंडी में जमा किया जाता है. इसके बाद किसान को कूपन दिया जाता है. सभी कूपन गोरखपुर कमिश्नर के पास भेजे जाते हैं. वहां लॉटरी सिस्टम के माध्यम से लकी ड्रॉ किया जाता है. जिन किसानों का नाम निकलता है, उन्हें इनाम दिया जाता है.

उदाहरण के लिए, जो किसान 5 हज़ार रुपये का अनाज बेचते हैं, उन्हें एक कूपन मिलता है. यदि कोई 40 हज़ार रुपये का अनाज बेचता है, तो उसे 8 कूपन मिलते हैं. कुछ किसानों को तो दो-दो इनाम भी मिले.

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसान सरकारी केंद्रों पर अपनी उपज बेचें. इससे उन्हें सही मूल्य मिलेगा और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. साथ ही यह योजना किसानों को प्रगतिशील खेती करने के लिए प्रेरित करती है. योगी सरकार की यह पहल किसानों के जीवन में खुशी और समृद्धि लाने के लिए है.

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