
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के मौके पर कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जबकि किसान उसकी आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि आज भारत की बढ़ती शक्ति और सामर्थ्य को पूरा विश्व देख रहा है और देश अब आंखों में आंखें डालकर बात करने की स्थिति में है. कृषि मंत्री ने यह बात तब कही जब वह 77वें गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल देशभर से आए किसान भाई-बहनों से संवाद कर रहे थे. इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि फार्मर आईडी और कीटनाशक कानून और सीड बिल पर तेजी से काम हो रहा है.
पूसा, नई दिल्ली परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे. वहीं केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली हरियाणा की किसान अनीता कुमारी, मध्य प्रदेश के किसान राजेश पाल और बिहार के किसान गणेश कुमार गुप्ता ने किसानों की समस्याएं और सुझाव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे.
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस साल तीन किसानों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जो देश के किसानों के सम्मान और योगदान का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में किसानों की सेवा करना उनके लिए भगवान की पूजा के समान है।.
कृषि मंत्री के मुताबिक सरकार किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण फैसले ले रही है. उत्पादन बढ़ाने से लेकर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तक निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उनका कहना था कि सरकार अब दालों की पूरी खरीद कर रही है और आयात होने वाली दालों पर 30 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया गया है, ताकि देश के किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल सके. चौहान ने कहा कि भारत चावल उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और चीन को पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने बताया कि चावल के निर्यात पर लागू मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (एमईपी) की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है. इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने लगे हैं और सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए ‘फार्मर आईडी’ तैयार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है. इससे योजनाओं से जुड़ी कागजी प्रक्रियाएं आसान होंगी और किसानों को समय पर लाभ मिल सकेगा.उन्होंने यह भी बताया कि सरकार संसद के आगामी सत्र में पेस्टिसाइड एक्ट और सीड बिल लाने जा रही है. इन कानूनों में किसानों के हितों की रक्षा के लिए दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त किया जाएगा और दोषियों पर 30 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा.
कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग, प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. छोटी जोत की खेती को भी लाभकारी बनाना सरकार की प्राथमिकता है और लक्ष्य साफ है, 'खेती को फायदे का पेशा बनाकर ही छोड़ा जाएगा.' इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय किसानों की अभूतपूर्व प्रगति हो रही है. वहीं, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ के मंत्र को आधार बनाकर कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं ताकि किसान संपन्न और खुशहाल बन सकें.
इससे पहले उत्तर प्रदेश की 14 लखपति दीदियों ने देश की राजधानी नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर प्रदेश का मान बढ़ाया. अब 27 जनवरी को यूपी की लखपति दीदियों को अन्य राज्यों की दीदियों के साथ दिल्ली के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चयनित ये महिलाएं कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं और आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध गांव व सशक्त उत्तर प्रदेश का संदेश देशभर तक पहुंचाया. गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूपी की लखपति दीदियों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ग्रामीण विकास, अन्वेषण व रोजगारपरक व्यवसाय के मुद्दों पर बातचीत की.
यूपी की दीदियों ने दुग्ध व्यवसाय, कैफे संचालन, मसाला निर्माण, उन्नत कृषि, ब्यूटी पार्लर, ई-रिक्शा, गो-आधारित उत्पाद तथा प्रेरणा कैंटीन जैसे क्षेत्रों में अपने कार्यों व उपलब्धियों की जानकारी साझा की.केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लखपति दीदी अभियान ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत परिवर्तन का माध्यम बन रहा है. इस दौरान इटावा की मंत्रवती देवी और अन्य महिलाओं ने ग्रामीण विकास से जुड़े अपने कार्यों व अनुभवों को केंद्रीय मंत्री से साझा किया.
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