यूपी सरकार ने बीज भंडारण और कृषि विभाग के ढांचे के लिए दी बड़ी वित्तीय मंजूरी, पढ़ें डिटेल

यूपी सरकार ने बीज भंडारण और कृषि विभाग के ढांचे के लिए दी बड़ी वित्तीय मंजूरी, पढ़ें डिटेल

उत्तर प्रदेश में खेती को नई मजबूती देने की तैयारी है. सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों और विभागीय ढांचे के लिए बड़ी वित्तीय मंजूरी दी है. बीज भंडारण से लेकर प्रशासनिक आधुनिकीकरण तक क्या-क्या बदलेगा, इससे किसानों को कैसे फायदा होगा, जानिए पूरी खबर में.

UP Agriculture Minister Surya Pratap ShahiUP Agriculture Minister Surya Pratap Shahi
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 20, 2026,
  • Updated Feb 20, 2026, 7:41 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है. राज्‍य सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों में बीज भंडारण की आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और कृषि विभाग के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय मंजूरी दी है. इस फैसले का मकसद किसानों को समय पर अच्छे और उन्नत बीज उपलब्ध कराना है, ताकि उत्पादन बढ़े और खेती ज्यादा लाभकारी बन सके. मजबूत बीज भंडारण व्यवस्था से फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.

इन कृषि विश्‍वविद्यालयों में बनेंगे सीड हब

एक सरकारी बयान के मुताबिक, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के साथ ही बांदा और कानपुर के कृषि विश्वविद्यालयों में स्पेशलाइज्ड सीड स्टोरेज यूनिट और सीड हब बनाए जाएंगे. इसके लिए करीब 4.68 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है. इन सीड हब में बीजों को सुरक्षित रखने और बेहतर तरीके से किसानों तक पहुंचाने की सुविधा होगी.

कृषि विभाग के दफ्तरों पर खर्च होंगे इतने रुपये

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग के दफ्तरों को आधुनिक बनाने के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और अन्य जरूरी सामान की खरीद पर 5.00 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, कृषि विस्तार से जुड़ी एक योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करीब 0.25 करोड़ रुपये की राशि भी देगी.

'किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम कर रही यूपी सरकार'

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को लंबे समय तक फायदा मिलेगा.

कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि मंजूर धनराशि का सही इस्‍तेमाल समय पर किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके. सरकार को उम्मीद है कि यह कदम प्रदेश की खेती को और मजबूत बनाएगा.

यूपी में प्राकृतिक खेती पर काम तेज

उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने मिशन मोड में काम शुरू किया है. सुनियोजित रणनीति के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्राकृतिक खेती का दायरा 94,300 हेक्टेयर तक बढ़ाया जा चुका है, जिसे जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है.

इस अभियान में बुंदेलखंड क्षेत्र को खास प्राथमिकता दी गई है. कृषि विभाग के अनुसार झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती शुरू की गई है. सरकार का उद्देश्य रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर किसानों को टिकाऊ और कम लागत वाली खेती की ओर ले जाना है.

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