US Tariff: ट्रंप का 18 प्रतिशत टैरिफ खारिज, इन कृषि उत्‍पादों पर बड़ी राहत, जानिए नया अपडेट

US Tariff: ट्रंप का 18 प्रतिशत टैरिफ खारिज, इन कृषि उत्‍पादों पर बड़ी राहत, जानिए नया अपडेट

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर लागू 18 प्रतिशत टैरिफ पूरी तरह खारिज हो गया है. अब नए नियमों के तहत भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों पर बदली हुई दर लागू होगी. खास बात यह है कि कुछ कृषि उत्पादों को इस बदलाव से सीधी राहत मिली है. पढ़ें डिटेल...

Trump 10% Global TariffTrump 10% Global Tariff
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 21, 2026,
  • Updated Feb 21, 2026, 2:29 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका में आयात होने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत का अस्थायी आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है. यह शुल्क 24 फरवरी से 150 दिनों तक लागू रहेगा. इस फैसले से भारत को खास राहत मिली है, क्योंकि पहले भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा रहा था, जो अब घटकर 10 प्रतिशत रह गया है. ट्रंप ने इस घोषणा को “फंडामेंटल इंटरनेशनल पेमेंट्स प्रॉब्लम्स को संबोधित करने के लिए अस्थायी आयात सरचार्ज” नाम दिया है. 

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पलटा ट्रंप का फैसला

यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पहले लगाए गए व्यापक टैरिफ को 6-3 के बहुमत से गैरकानूनी करार दिया था. जॉन रॉबर्ट्स द्वारा लिखे गए फैसले में कहा गया कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया है. हालांकि, ट्रंप ने कोर्ट के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई और अस्‍थायी रूप से 10 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान कर दिया. 

अब इतना लगेगा टोटल टैरिफ

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन का पहले लगाया गया 18 प्रतिशत टैरिफ कानूनी आधार खो चुका है, जिसके चलते अब भारत पर सीधे वही दर लागू नहीं मानी जाएगी. मौजूदा व्यवस्था में भारत के लिए बेस MFN टैरिफ करीब 3.5 प्रतिशत रहता है, जबकि इसके ऊपर ट्रंप द्वारा घोषित 10 प्रतिशत का अस्थायी वैश्विक आयात शुल्क जोड़ दिया गया है.

इस तरह भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों पर कुल प्रभावी टैरिफ लगभग 13.5 प्रतिशत बनता है. यानी न तो 18 प्रतिशत और न ही सिर्फ 10 प्रतिशत, बल्कि व्यावहारिक रूप से भारतीय निर्यातकों को अमेरिका में औसतन 13.5 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है.

कुछ कृषि उत्‍पाद अस्‍थायी टैरिफ से बाहर

अमेरिका की नई नीति की सबसे अहम बात कृषि उत्पादों को दी गई विशेष छूट है. व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के अनुसार, अमेरिका ने बीफ, टमाटर और संतरे जैसी जरूरी कृषि वस्तुओं को 10 प्रतिशत आयात शुल्क से बाहर रखा है. दरअसल, अमेरिका में इन उत्पादों की मांग अधिक है, जबकि उसका घरेलू उत्पादन इन जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता. ऐसे में वहां आयात पर अतिरिक्त बोझ डालने से महंगाई और आपूर्ति संकट पैदा हो सकता है. उर्वरक और कुछ प्राकृतिक संसाधनों को भी टैरिफ छूट वाली सूची में शामिल किया गया है, ताकि कृषि और खाद्य सुरक्षा पर असर न पड़े. 

भारत जैसे देशों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है. एक तरफ टैरिफ की दर घटी है, दूसरी तरफ कुछ कृषि से जुड़े उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बिना अतिरिक्त शुल्क के पहुंचने का रास्ता खुला है. इससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलने की उम्मीद है. हालांकि, भारत बीफ का निर्यातक नहीं है और सिर्फ भैंस का मीट (Carabeef) का निर्यात करता है. ऐसे में शेष शुल्‍क मुक्‍त उत्‍पादों पर भारत को कम टैरिफ का फायदा मिलना संभव है.

बरकरार रहेगी अंतरिम ट्रेड डील: ट्रंप

ट्रंप के दावे के अनुसार, भारत-अमेरिका समझौते के तहत भारत ने रूस से तेल आयात घटाने और अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई थी. बदले में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को पहले 18 प्रतिशत तक कम किया था. अब नए 10 प्रतिशत शुल्क के साथ भारतीय पक्ष को और राहत मिली है. ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ डील वैसी ही रहेगी, बस उसका ढांचा बदला गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताया. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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