Sugar Price कंट्रोल करने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला, 10 लाख टन कच्‍ची चीनी के आयात को दी मंजूरी

Sugar Price कंट्रोल करने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला, 10 लाख टन कच्‍ची चीनी के आयात को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर यानी कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है. यह आयात बिना शुल्क के किया जा सकेगा. यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी.

govt allows raw sugar import dgft notificationgovt allows raw sugar import dgft notification
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Aug 20, 2026,
  • Updated Aug 20, 2026, 8:55 PM IST

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों ने केंद्र सरकार की बेचैनी बढ़ा दी है. कुछ महीने पहले तक जहां भारत चीनी का निर्यात कर रहा था, अब उसे घरेलू बाजार में इसकी कीमत कंट्राेल करने के लिए आयात की जरूरत पड़ रही है. इस क्रम में केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी (Raw Sugar) के आयात को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी को बिना आयात शुल्क के भारत लाने की अनुमति दी है. यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी. वाणिज्य मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी DGFT ने आज इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी की है. 

सरकार ने कच्ची चीनी के आयात के लिए 10 लाख मीट्रिक टन का टैरिफ रेट कोटा यानी TRQ तय किया है. इसके तहत तय सीमा के भीतर आने वाली कच्ची चीनी पर आयात शुल्क नहीं लगेगा. यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक ही मान्य रहेगी. सरकार के इस फैसले से चीनी मिलों और कारोबारियों को आयात शुल्क से राहत मिलेगी.

पुरानी अनुमति को TRQ में बदलने का विकल्प

नोटिफिकेशन के मुताबिक, जिन कंपनियों को पहले एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत कच्ची चीनी आयात करने की अनुमति मिल चुकी है, उन्हें भी राहत दी गई है. ऐसी कंपनियों के पास अपनी अनुमति को एक बार TRQ व्यवस्था में बदलने का विकल्प होगा. यह बदलाव सिर्फ उतनी ही मात्रा के लिए मान्य होगा, जितनी कच्ची चीनी अधिसूचना जारी होने की तारीख तक वास्तव में आयात की जा चुकी है.

कन्वर्जन करने वाली कंपनियों के लिए शर्तें

जो कंपनियां एडवांस ऑथराइजेशन से TRQ व्यवस्था में कन्वर्जन का विकल्प चुनेंगी, उन पर कुछ खास शर्तें लागू होंगी. ऐसी कंपनियों को आयात के समय ली गई GST छूट को नियमों के अनुसार चुकाना होगा. साथ ही आयातित कच्ची चीनी से बनी रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में 31 अक्टूबर 2026 तक बेचना अनिवार्य होगा.

आगे की प्रक्रिया DGFT करेगा तय

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि DGFT इस 10 लाख मीट्रिक टन के TRQ को लागू करने की पूरी प्रक्रिया अलग से सार्वजनिक नोटिस के जरिए बताएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि एडवांस ऑथराइजेशन से TRQ में कन्वर्जन की सुविधा का लाभ कंपनियां किस तरह उठा सकेंगी.

देश में चीनी की कोई कमी नहीं: ISMA

वहीं, इंडिया शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम बाजार को साफ संकेत देता है कि सट्टेबाजी और अनुचित तरीके से कीमतें बढ़ाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसोसिएशन ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और नई फसल आने तक मिलों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. 

ISMA ने कहा कि इस बार पेराई सीजन 10 से 15 दिन पहले शुरू होने की उम्मीद है, जिससे बाजार में नई चीनी की आवक भी समय से पहले शुरू हो जाएगी.  एसोसिएशन ने हाल की कीमत में हुई बढ़ाेतरी को बाजार की वास्तविक स्थिति से जोड़े बिना, त्योहारी सीजन से पहले की सट्टेबाजी और घबराहट में की जा रही खरीदारी का नतीजा बताया है.

ISMA का कहना है कि आयात की अनुमति किसी आपूर्ति संकट का जवाब नहीं, बल्कि त्योहारी महीनों के दौरान एहतियात के तौर पर उठाया गया कदम है. एसोसिएशन ने कहा कि उद्योग जगत कच्ची चीनी के आयात और प्रोसेसिंग को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ पेराई जल्द शुरू करने में सरकार का पूरा सहयोग करेगा, जिससे आने वाले दिनों में चीनी की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद है. (इनपुट- चेतन भूटानी)

MORE NEWS

Read more!