यूपी के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी, लखनऊ में आज से शुरू होगा प्रशिक्षण

यूपी के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी, लखनऊ में आज से शुरू होगा प्रशिक्षण

UP News: यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ में आयोजित होगा. इसमें प्रदेश के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर और बस्ती से चयनित 40 शिक्षक प्रतिभाग करेंगे.

गन्ना समितियों के विद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षण लेकर छात्रों का करेंगे कौशल विकासगन्ना समितियों के विद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षण लेकर छात्रों का करेंगे कौशल विकास
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Jul 13, 2026,
  • Updated Jul 13, 2026, 7:24 AM IST

उत्तर प्रदेश सरकार पहले दिन से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है. इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में सोमवार को उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी विभाग ने सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से संचालित विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता व विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल शुरू होने जा रही है. इसके लिए वाधवानी फाउंडेशन की सहयोगी संस्था स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (एसडीएन) के सहयोग से प्रदेश के चयनित शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

यूपी के 8 जिलों से 40 शिक्षक होंगे शामिल

मिली जानकारी के मुताबिक, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ में आयोजित होगा. इसमें प्रदेश के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर और बस्ती से चयनित 40 शिक्षक प्रतिभाग करेंगे.

शिक्षकों को मिलेगी आधुनिक कौशल की ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश गन्ना एवं चीनी आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक कौशल, रोजगारपरक शिक्षा और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है, ताकि वे अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नई तकनीकों और रोजगारपरक कौशल से जोड़ सकें. इससे छात्रों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिलेगी.

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का लक्ष्य

गन्ना आयुक्त के अनुसार, प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक सहकारी गन्ना समितियों के सहयोग से संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य करेंगे. कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित कर उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है.

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