राप्ती का पानी बढ़ा तो खेत में फंसा किसान, SDRF ने लोगों और पशुओं को निकाला सुरक्षित

राप्ती का पानी बढ़ा तो खेत में फंसा किसान, SDRF ने लोगों और पशुओं को निकाला सुरक्षित

श्रावस्ती में राप्ती नदी का पानी बढ़ने से मझौवा सुमाल में खेत की झोपड़ी में किसान फंस गया. वहीं मध्यनगर में दो परिवारों के 13 लोग भी जलभराव में घिर गए. सूचना मिलते ही प्रशासन ने SDRF की दो टीमें भेजीं. टीमों ने अभियान चलाकर सभी 14 लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.

राप्ती का पानी बढ़ा तो खेत बना टापूराप्ती का पानी बढ़ा तो खेत बना टापू
क‍िसान तक
  • Shravasti,
  • Sep 29, 2026,
  • Updated Sep 29, 2026, 11:32 AM IST

श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया. इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल में सब्जी के खेत की रखवाली करने गए एक किसान चारों तरफ पानी से घिर गए. वहीं मध्यनगर में दो परिवारों के 13 लोग भी जलभराव में फंस गए. सूचना मिलने पर प्रशासन ने SDRF की दो टीमें भेजीं. टीमों ने सभी 14 लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.

राप्ती का पानी बढ़ने से खेत में फंसे किसान

मामला श्रावस्ती जिले के इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल का है. यहां रहने वाले किसान हनुमान प्रसाद पुत्र चिंताराम रविवार शाम राप्ती नदी के किनारे स्थित अपने सब्जी के खेत की रखवाली करने गए थे. खेत में उन्होंने एक छोटी झोपड़ी बना रखी थी. रात में खाना खाने के बाद किसान उसी झोपड़ी में सो गए. रात में जब किसान की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि खेत के चारों तरफ राप्ती नदी का बाढ़ का पानी भर चुका था. पानी बढ़ने के कारण किसान खेत से बाहर नहीं निकल पा रहे थे. इसके बाद सुबह उन्होंने आवाज लगाकर आसपास के ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी.

ग्रामीण भी नहीं पहुंच सके खेत तक

किसान के फंसने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की. लेकिन खेत के चारों तरफ पानी अधिक होने के कारण ग्रामीण वहां तक नहीं पहुंच सके. इसके बाद मामले की सूचना जिला प्रशासन के आपदा कंट्रोल रूम को दी गई. सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित आपदा कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. जिलाधिकारी के निर्देश पर आपदा विशेषज्ञ अरुण मिश्रा ने SDRF की दो टीमों को मौके पर भेजा.

SDRF ने चलाया रेस्क्यू अभियान

सूचना मिलने के बाद SDRF की टीम मझौवा सुमाल पहुंची. मौके पर क्षेत्रीय विधायक रामफेरन पांडेय, उपजिलाधिकारी इकौना रवींद्र कुमार और पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार भी पहुंचे. SDRF जवानों ने पानी के बीच पहुंचकर किसान हनुमान प्रसाद को सुरक्षित बाहर निकाला. किसान को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इस दौरान प्रशासन की टीम ने लगातार हालात पर नजर बनाए रखी.

मध्यनगर में 13 लोग भी पानी में फंसे

इसी दौरान इकौना क्षेत्र के मध्यनगर में भी जलभराव के कारण दो परिवारों के 13 लोग पानी के बीच फंस गए थे. यहां भी लोगों के फंसे होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली. इसके बाद SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया. टीम ने सभी 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. रेस्क्यू के दौरान लोगों के पशुओं को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया.

प्रशासन ने मौके पर रहकर संभाला बचाव कार्य

बचाव अभियान के दौरान उपजिलाधिकारी रवींद्र कुमार और तहसीलदार इकौना मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों ने रेस्क्यू अभियान की निगरानी की और SDRF की टीम के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया. जिला प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा कंट्रोल रूम से लगातार जानकारी ली जा रही है. संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की टीमों को अलर्ट रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत मदद दी जा सके.

सभी लोगों को सुरक्षित निकालने पर ग्रामीणों ने जताया आभार

SDRF और जिला प्रशासन की तत्परता से मझौवा सुमाल और मध्यनगर में फंसे सभी 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. लोगों के पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और SDRF के जवानों का आभार जताया. (पंकज वर्मा का इनपुट)

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