Rubber Board ने टायर इंडस्‍ट्री के आरोप को नकारा, रबर उत्‍पादन के आंकड़ों पर कही ये बात

Rubber Board ने टायर इंडस्‍ट्री के आरोप को नकारा, रबर उत्‍पादन के आंकड़ों पर कही ये बात

रबर बोर्ड ने टायर उद्योग के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि प्राकृतिक रबर उत्पादन के आंकड़े पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी हैं. 2013-14 से लागू प्रणाली में सभी हितधारकों से डेटा लेकर वास्तविक उत्पादन की तस्वीर सामने लाई जाती है.

Rubber Board on Prodcution DataRubber Board on Prodcution Data
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 29, 2026,
  • Updated Jan 29, 2026, 12:07 PM IST

रबर बोर्ड ने देश में प्राकृतिक रबर के उत्पादन आंकड़ों को लेकर टायर उद्योग की ओर से जताई जा रही शंकाओं को सिरे से खारिज किया है. बोर्ड ने कहा कि उत्पादन आकलन की मौजूदा प्रणाली पूरी तरह वैज्ञानिक, पारदर्शी और भरोसेमंद है और इसमें किसी तरह का अंतर या विसंगति नहीं है. वर्ष 2013-14 से लागू यह पद्धति समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा परखी गई है. देश के प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों के एक पैनल ने इसकी समीक्षा कर इसे प्रमाणित किया है.

बोर्ड ने उत्‍पादन और खपत के आंकड़े पर दी सफाई

इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सभी हितधारकों से प्रत्यक्ष आंकड़े जुटाए जाते हैं और वास्तविक टैपिंग क्षेत्र को आधार बनाया जाता है, जिससे समय के साथ टैपिंग प्रथाओं में आए बदलाव भी दर्ज हो जाते हैं. बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबि‍क, रबर बोर्ड ने स्पष्ट किया कि उत्पादन और खपत के आंकड़े किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि वैधानिक मासिक रिटर्न पर आधारित होते हैं.

एस्टेट्स, प्रोसेसर, डीलर और मैन्युफैक्चरर्स की ओर से दाखिल रिटर्न के साथ-साथ छोटे किसानों के बीच वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए सैंपल सर्वे भी किए जाते हैं. इन सभी आंकड़ों की समीक्षा बोर्ड की इंटरनल स्टैटिस्टिक्स मॉनिटरिंग कमेटी करती है और बाद में हितधारकों से चर्चा के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए जाते हैं.

पहली छमाही में प्राकृतिक रबर उत्पादन में बढ़ोतरी

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्राकृतिक रबर उत्पादन में बढ़त दर्ज की गई है. अप्रैल से नवंबर 2025 के दौरान देश में लगभग 5.69 लाख टन प्राकृतिक रबर का उत्पादन होने का अनुमान है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 4.6 प्रतिशत अधिक है. इसी अवधि में आरएसएस-4 ग्रेड शीट रबर के दाम घरेलू बाजार में 184 से 213 रुपये प्रति किलो के दायरे में रहे.

अधिकारियों ने कहा कि केरल सरकार द्वारा रबर उत्पादन प्रोत्साहन योजना को जारी रखने और समर्थन मूल्य बढ़ाकर 200 रुपये प्रति किलो करने से किसानों को सीधा फायदा मिला है, जिससे उत्पादन में इजाफा हुआ. वहीं, रबर की घरेलू खपत भी बढ़ी है. अप्रैल से नवंबर 2025 के दौरान खपत 9.60 लाख टन तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है.

हर महीने औसत खपत 1.20 लाख टन के करीब

रबर बोर्ड के अनुसार, उद्योग की मासिक औसत खपत लगभग 1.20 लाख टन के आसपास बनी हुई है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. नवंबर 2025 के अंत तक किसानों, प्रोसेसरों, डीलरों और उद्योग के पास कुल मिलाकर करीब 3.33 लाख टन रबर का भंडार था, जिसमें आधे से ज्यादा स्टॉक मैन्युफैक्चरर्स के पास है. इसमें ऑटो टायर सेक्टर का हिस्सा लगभग 1.18 लाख टन बताया गया है.

रबर बोर्ड ने कहा है कि किसान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव को समझते हैं और बेहतर कीमत की उम्मीद में स्टॉक रोककर रखते हैं. मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय कीमतें घरेलू बाजार से ऊपर बनी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं.

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