जुलाई में इन राज्यों में तैयार होती है धान की नर्सरी, जानें कब शुरू करें रोपाई

जुलाई में इन राज्यों में तैयार होती है धान की नर्सरी, जानें कब शुरू करें रोपाई

मॉनसून के साथ देश के कई राज्यों में धान की खेती रफ्तार पकड़ लेती है. जुलाई का महीना धान की नर्सरी तैयार करने और समय पर रोपाई शुरू करने के लिए बेहद अहम माना जाता है. अगर आप भी धान की खेती कर रहे हैं, तो जानिए किन राज्यों में जुलाई में नर्सरी तैयार होती है.  

धान की 5 पछेती किस्मेंधान की 5 पछेती किस्में
संदीप कुमार
  • Noida,
  • Jul 05, 2026,
  • Updated Jul 05, 2026, 2:11 PM IST

भारत दुनिया के सबसे बड़े धान उत्पादक देशों में शामिल है. देश के अधिकांश हिस्सों में खरीफ सीजन के दौरान धान की खेती की जाती है. धान की अच्छी पैदावार के लिए मजबूत और स्वस्थ नर्सरी (पौध) तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. मॉनसून की शुरुआत के साथ जून-जुलाई में अधिकांश राज्यों में धान की नर्सरी तैयार की जाती है, ताकि समय पर खेतों में रोपाई की जा सके. हालांकि, मौसम और जलवायु के अनुसार कई अलग-अलग राज्यों में जुलाई में भी नर्सरी तैयार होता है. आइए जानते हैं इन राज्यों की लिस्ट.

यहां जुलाई में तैयार होती है धान की नर्सरी

1. उत्तर प्रदेश: पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में जून के आखिर से जुलाई के पहले-दूसरे सप्ताह तक धान की नर्सरी तैयार की जाती है. इसके बाद जुलाई में रोपाई का काम तेजी से शुरू होता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश के अनुसार यह समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है.

2. बिहार: बिहार में धान की खेती पूरी तरह मॉनसून पर निर्भर रहती है. यहां जून के अंत से जुलाई के पहले सप्ताह तक नर्सरी तैयार हो जाती है. वहीं, अच्छी बारिश होने पर जुलाई के पहले पखवाड़े में रोपाई शुरू कर दी जाती है.

3. झारखंड: झारखंड में बारिश शुरू होने के साथ ही जून के अंत और जुलाई के शुरुआती दिनों में धान की नर्सरी तैयार की जाती है. अधिकांश किसान जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में रोपाई कर लेते हैं.

4. पश्चिम बंगाल: देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल पश्चिम बंगाल में जून के अंत से जुलाई तक बड़े पैमाने पर धान की नर्सरी तैयार होती है. यहां जुलाई पूरे महीने रोपाई का काम चलता है.

5. छत्तीसगढ़: 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई तक नर्सरी तैयार होती है. जुलाई में लगभग सभी जिलों में रोपाई का काम बड़े पैमाने पर किया जाता है.

धान की अच्छी नर्सरी क्यों है जरूरी?

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ नर्सरी ही अच्छी फसल की नींव होती है. यदि पौध मजबूत होगी तो खेत में जल्दी लगेगी, रोगों का प्रकोप कम होगा और उत्पादन बेहतर मिलेगा. सामान्यतः 20–25 दिन की पौध रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है.

नर्सरी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीज का ही चयन करें.
  • बीज उपचार के बाद ही बुवाई करें.
  • नर्सरी ऐसी जगह तैयार करें जहां पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था हो.
  • नर्सरी में समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करें.
  • कीट और रोग दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार प्रबंधन करें.

समय पर नर्सरी से बढ़ती है पैदावार

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि नर्सरी समय पर तैयार हो और सही उम्र की पौध की रोपाई की जाए, तो धान की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है. जुलाई का महीना देश के अधिकांश धान उत्पादक राज्यों के लिए नर्सरी तैयार करने और रोपाई शुरू करने का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है, इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही नर्सरी तैयार कर रोपाई करनी चाहिए.

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