
करीब दो दशक बाद राजस्थान के करौली जिले के किसानों के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी थी. पंचना बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. सरकार ने इस मौके को ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया. मंत्रियों ने परियोजनाओं का उद्घाटन किया और नहरों में पानी छोड़ने की रस्म भी निभाई. लेकिन तकनीकी खराबी के कारण कमांड क्षेत्र की मुख्य नहर तक पानी नहीं पहुंच सका. इससे किसानों की खुशी कुछ ही देर में नाराजगी में बदल गई. गुस्साए किसानों ने हिंडौन–गंगापुर सिटी मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया.
सोमवार को करौली जिले के पंचना बांध पर जिला प्रभारी एवं गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म और राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत पहाड़ी पर स्थित देवनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद मंत्रियों ने किसानों को संबोधित किया और सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ किया.
इस मौके पर करीब 61 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई गुडला लिफ्ट सिंचाई परियोजना का भी शिलान्यास किया गया. मंत्रियों ने बटन दबाकर 13 गांवों के लिए बनाई गई इस परियोजना की शुरुआत की. साथ ही गंभीर नदी में भी पानी छोड़ा गया. इससे इन गांवों के किसानों में खुशी का माहौल देखने को मिला.
कार्यक्रम के दौरान पंचना बांध के कमांड क्षेत्र की मुख्य नहर में भी पानी छोड़ने की औपचारिक घोषणा की गई. सभी को उम्मीद थी कि करीब 20 साल बाद खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा. लेकिन तकनीकी कारणों से नहर में पानी आगे नहीं बढ़ पाया.
नहर सूखी रहने से कमांड क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी फैल गई. किसानों का कहना था कि वे वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन आखिरी समय में तकनीकी खामी के कारण उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया.
कमांड क्षेत्र के किसानों ने अपने गांवों में जल पूजन का आयोजन भी किया था. इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के शामिल होने की भी योजना थी. किसानों ने खेतों में पानी आने की खुशी में पहले से तैयारियां कर रखी थीं.
लेकिन जब नहर में पानी नहीं पहुंचा तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. उनका कहना था कि केवल उद्घाटन करने से किसानों की समस्या हल नहीं होगी, जब तक पानी खेतों तक नहीं पहुंचेगा तब तक उन्हें कोई फायदा नहीं मिलेगा.
नाराज किसानों ने हिंडौन–गंगापुर सिटी मार्ग पर काटकर मोड़ के पास बिजली के पोल रखकर सड़क जाम कर दी. देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई. भीषण गर्मी में यात्रियों और वाहन चालकों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी.
मौके पर बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
प्रदर्शन के दौरान हालात काफी तनावपूर्ण हो गए. मौके पर मौजूद किसानों ने मीडिया और अन्य लोगों को वीडियो रिकॉर्डिंग करने से भी रोक दिया. किसानों का कहना था कि उनकी समस्या का समाधान होना ज्यादा जरूरी है, सिर्फ खबरें बनाने से कुछ नहीं होगा.
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों से बातचीत करते रहे और उन्हें शांत करने का प्रयास करते रहे.
पंचना बांध पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे. प्रशासन ने कमांड क्षेत्र के किसानों और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी. केवल गुडला लिफ्ट सिंचाई परियोजना से जुड़े किसानों और आमंत्रित लोगों को ही कार्यक्रम स्थल तक जाने की अनुमति दी गई थी.
जहां गुडला लिफ्ट सिंचाई परियोजना और गंभीर नदी में पानी पहुंचने से जुड़े 13 गांवों के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे, वहीं पंचना बांध के कमांड क्षेत्र के किसान अब भी पानी का इंतजार कर रहे हैं. करीब 20 साल बाद सिंचाई की शुरुआत की उम्मीद जरूर जगी, लेकिन मुख्य नहर में पानी नहीं पहुंचने से पूरा मामला विवाद का कारण बन गया.
फिलहाल प्रशासन तकनीकी समस्या को दूर करने में जुटा हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही नहर में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके. वहीं किसान अब प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें:
यूपी में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का येलो अलर्ट, 60 KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं, पढ़ें- IMD की चेतावनी
IMD Alert: झारखंड से MP की ओर बढ़ रहा डिप्रेशन, कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी