
पंजाब विधानसभा में इथेनॉल मिले तेल E20 को लेकर केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया. पंजाब के CM भगवंत मान ने सदन में E20 पर बात करते हुए कहा, किसी एक्सपर्ट से सलाह नहीं ली गई, बल्कि इसे लोगों पर थोप दिया गया. E10 इंजन वाली गाड़ियों में E20 फ्यूल दिया गया. पूरे देश में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है. सरकार इंजन के मामले में धोखा कर रही है. अरविंद केजरीवाल ने यह मुद्दा उठाया था. अब सरकार इसे मान रही है. गडकरी ने भी माना है कि E20 गाड़ियों की माइलेज 6 प्रतिशत तक कम हो सकती है.
मान ने कहा, इथेनॉल, चीनी की बहन है. मोदी साहब गाड़ियों में चीनी डाल रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि यह गडकरी के बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है. सब जानते हैं कि मोदी और गडकरी के बीच अच्छे संबंध नहीं हैं. यह ट्रेड डील की वजह से हो रहा है. हमें नहीं पता कि ट्रंप के पास कौन सी CD है, जिसकी वजह से मोदी ट्रंप की बात इतनी जल्दी मान लेते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए देश पर दबाव डाला जा रहा है. ट्रंप तय करते हैं कि ईंधन कहां से खरीदना है.
इथेनॉल के खिलाफ प्रस्ताव पर बोलते हुए सीएम मान ने कहा, लोगों की कारें खराब हो रही हैं. E20 को 2030 में लागू किया जाना था, तो इसे अभी क्यों लागू कर दिया गया? यह देश का मामला है और हमें इस पर पार्टी लाइन से ऊपर उठकर चर्चा करनी चाहिए. मैं कहूंगा कि यह देश के साथ धोखा है. केजरीवाल ने लाखों लोगों से इस पर हस्ताक्षर भी करवाए हैं. हम चाहते हैं कि पेट्रोल पंपों पर शुद्ध ईंधन और ब्लेंडेड ईंधन, दोनों का विकल्प हो.
मान ने कहा, IB ने रिपोर्ट दी है कि नितिन गडकरी को...हमारी मांग है कि दोनों तरह के ईंधन का विकल्प दिया जाए. E20 पेट्रोल की कीमत कम की जानी चाहिए. गडकरी का बेटा E20 है और गृह मंत्री का बेटा T20 है. यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाना चाहिए.
कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने सदन में कहा कि देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग एक बड़ा मुद्दा बन गया है और इससे करोड़ों गाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं.
चीमा ने कहा कि पंजाब समेत देश के कई राज्यों में लाखों ऐसे वाहन हैं, जिनका निर्माण E20 लागू होने से पहले हुआ था. ऐसे में इस फैसले का असर रोजाना गाड़ियों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि E20 लागू करने का फैसला समय से पहले लिया गया, जिससे पर्याप्त तैयारी का अवसर नहीं मिल सका.
सदन में यह भी चिंता जताई गई कि जब तक ब्लेंडेड फ्यूल के प्रभावों और उससे जुड़ी संभावित समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक लोगों को इसके इस्तेमाल के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. प्रस्ताव में केंद्र सरकार से E20 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई, जब तक कि सभी गाड़ियां इसके अनुसार तैयार न हो जाएं.
प्रस्ताव में गाड़ी चलाने वाले लोगों को अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने का विकल्प देने और सामान्य ईंधन की तुलना में E20 की कीमतों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की भी मांग की गई. साथ ही E20 के बड़े प्रभावों का अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. सदन में चीमा ने कहा, अगर पीएम मोदी इस बारे में डोनाल्ड ट्रंप से बात कर सकते हैं, तो उन्हें अपने देश, लोगों और वैज्ञानिकों से भी इस पर बात करनी चाहिए.
दूसरी ओर मंगलवार को दिल्ली में इथेनॉल को लेकर आम आदमी पार्टी ने विरोध मार्च निकाला. हालांकि दिल्ली पुलिस ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने से रोक दिया. वे E20 पेट्रोल के खिलाफ 2.30 लाख से ज्यादा याचिकाएं सौंपने के लिए लगभग 100 लोगों के साथ जा रहे थे. इसके बाद उन्होंने फिरोज शाह रोड पर विरोध प्रदर्शन किया.
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद केजरीवाल, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, AAP नेता जैस्मीन शाह और पार्टी के अन्य नेता सड़क पर ही बैठ गए. AAP ने देश भर के लोगों से इकट्ठा की गई याचिकाएं सौंपने के लिए यह मार्च शुरू किया था. ये याचिकाएं सरकार की E20 पेट्रोल को बढ़ावा देने की नीति के खिलाफ थीं. पार्टी का आरोप है कि इथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ी मालिकों पर बुरा असर पड़ रहा है.