सूखे से फसल कितनी प्रभावित? नांदेड़ में खेतों से जुटाए जा रहे आंकड़े

सूखे से फसल कितनी प्रभावित? नांदेड़ में खेतों से जुटाए जा रहे आंकड़े

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में सूखे जैसे हालात के बीच खरीफ फसलों की वास्तविक पैदावार का आकलन तेज कर दिया गया है. नांदेड़ तहसील में अब तक 25 फीसदी फसल कटाई प्रयोग पूरे हो चुके हैं. इन आंकड़ों के आधार पर किसानों के फसल बीमा दावों और बीमा लाभ की पात्रता तय की जाएगी. 

महाराष्ट्र में सूखे का असर (AI- तस्वीर)महाराष्ट्र में सूखे का असर (AI- तस्वीर)
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Oct 08, 2026,
  • Updated Oct 08, 2026, 6:43 PM IST

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में सूखे जैसे हालात के बीच खरीफ फसलों की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiment) तेजी से किए जा रहे हैं. नांदेड़ तहसील में अब तक करीब 25 फीसदी प्रयोग पूरे हो चुके हैं. फसल की वास्तविक पैदावार से जुड़े इन आंकड़ों के आधार पर किसानों के फसल बीमा दावों और उन्हें मिलने वाले बीमा लाभ की पात्रता तय की जाएगी.

अधिकारियों के मुताबिक, नांदेड़ तहसील में कुल 228 फसल कटाई प्रयोग किए जाने हैं. इनमें से 59 प्रयोग अब तक पूरे हो चुके हैं. प्रशासन ने सभी प्रयोगों को 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इन प्रयोगों के दौरान चुने गए खेतों में फसल की वास्तविक पैदावार का पता लगाया जाता है. इसके लिए ग्राम राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, कृषि सहायक और संबंधित फसल बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं. 

फसल बीमा के लिए क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?

फसल कटाई प्रयोग से किसी इलाके में फसल की वास्तविक पैदावार का आंकड़ा सामने आता है. इसी आंकड़े का इस्तेमाल फसल बीमा दावों का आकलन करने में किया जाता है. अगर निर्धारित मानकों के मुताबिक फसल की पैदावार में कमी पाई जाती है, तो पात्र किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल सकता है. यानी सूखे और कम बारिश से फसल को हुए नुकसान का आकलन करने में यह प्रक्रिया किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. 

महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित

महाराष्ट्र में इस साल कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. 26 सितंबर को राज्य सरकार ने 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था. यह राज्य के करीब 74 फीसदी तालुकों के बराबर है. सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा भी की है. इनमें फसल लोन का पुनर्गठन, जमीन के लगान में छूट और बिजली बिल पर सब्सिडी जैसे कदम शामिल हैं.

दिवाली से पहले आर्थिक मदद का भरोसा

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने मंगलवार को बताया था कि राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का करीब 45 फीसदी आकलन पूरा हो चुका है. उन्होंने भरोसा दिया है कि प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक मदद देने की कोशिश की जाएगी. ऐसे में नांदेड़ में चल रहे फसल कटाई प्रयोग किसानों के लिए काफी अहम हैं. इनसे फसल की वास्तविक पैदावार का आंकड़ा सामने आएगा और फसल बीमा के साथ-साथ राहत से जुड़े फैसलों में भी मदद मिलेगी. (PTI)

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