
मिजोरम सरकार ने स्थानीय स्तर पर उगाए जाने वाले फलों और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने स्थानीय फलों से फ्रूट बीयर बनाने के लिए 11 आवेदकों को लाइसेंस देने की मंजूरी दी है.
यह फैसला मुख्यमंत्री लालदुहोमा की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में लिया गया. बैठक में आबकारी और नारकोटिक्स मंत्री लालंघिंगलोवा हमार भी मौजूद रहे. समिति को कुल 99 आवेदन मिले थे, जिनमें 96 आवेदन लोकल फ्रूट बीयर निर्माण और तीन आवेदन वाइनरी स्थापित करने से जुड़े थे. आवेदनों की जांच, आवेदकों के इंटरव्यू और जहां संभव हुआ वहां साइट निरीक्षण के बाद 11 आवेदकों को लाइसेंस के लिए योग्य पाया गया. वहीं, 13 अन्य आवेदनों पर आगे जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है.
चयन प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन, उत्पादन के लिए जरूरी मशीनरी की उपलब्धता और प्लांट चलाने के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों की स्थिति को भी देखा गया. सरकार ने निर्माताओं से आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक अपनाने और खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया है.
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को अपनी उपज बेहतर कीमत पर बेचने के अवसर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि स्थानीय फलों और कृषि उत्पादों के लिए प्रसंस्करण आधारित बाजार तैयार होने से किसानों को फायदा मिल सकता है.
बैठक में लाइसेंस मिलने के बाद चयनित निर्माताओं को सहायता देने के उपायों पर भी चर्चा हुई. इसमें प्रशिक्षण, किसानों के साथ मजबूत संपर्क स्थापित करना और दूसरे उत्पादकों के साथ अनुभव साझा करने के लिए इंटर-विजिट जैसी पहल शामिल हैं.
मिजोरम विधानसभा ने 10 मार्च 2025 को मिजोरम लिकर प्रोहिबिशन अमेंडमेंट एक्ट पारित किया था. नए कानून के तहत स्थानीय स्तर पर उत्पादित कृषि और बागवानी उपज से तैयार वाइन और लोकल बीयर के निर्माण, बिक्री और आपूर्ति की अनुमति दी गई है.
मिजोरम में पिछली एमएनएफ सरकार ने 2019 में शराबबंदी कानून लागू किया था, जिसके तहत बीयर और वाइन समेत सभी तरह की शराब पर प्रतिबंध लगाया गया था. नए संशोधन के बाद स्थानीय कृषि और बागवानी उत्पादों से बनने वाले कुछ मादक पेय के लिए रास्ता खोला गया है.
संशोधित कानून विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और घरेलू पर्यटकों को इंडियन मेड फॉरेन लिकर रखने और सेवन करने के लिए विशेष परमिट की अनुमति देता है. इसके अलावा मेडिकल जरूरत वाले लोगों के लिए रेड कार्ड परमिट का भी प्रावधान किया गया है. (पीटीआई)