कारगिल से किसान तक... 'मन की बात' में पीएम मोदी ने छेड़े देश के हर अहम मुद्दे

कारगिल से किसान तक... 'मन की बात' में पीएम मोदी ने छेड़े देश के हर अहम मुद्दे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों, जल संरक्षण, हर्बल खेती, किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान में भारतीय छात्रों की सफलता और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों पर देशवासियों को प्रेरक संदेश दिया. साथ ही जल बचाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी की.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 26, 2026,
  • Updated Jul 26, 2026, 5:22 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. हर महीने के आखिरी रविवार को होने वाला यह कार्यक्रम करोड़ों लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. इस बार के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां, जल संरक्षण, कृषि और हर्बल उत्पाद, पर्यावरण संरक्षण, देश की संस्कृति, युवा वैज्ञानिकों की सफलता और स्वतंत्रता दिवस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बात की. उन्होंने देशवासियों से जल बचाने, पर्यावरण की रक्षा करने और देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया.

करोड़ों लोग सुनते हैं 'मन की बात'

प्रधानमंत्री का रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' अब केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रह गया है. यह कार्यक्रम समाज, शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार और देशभर के प्रेरणादायक लोगों की कहानियों को देश के सामने लाने का एक बड़ा मंच बन चुका है. प्रसार भारती द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रोहतक से कराए गए अध्ययन के अनुसार, इस कार्यक्रम को कम से कम एक बार सुनने वालों की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच चुकी है. वहीं, देश की करीब 96 प्रतिशत आबादी इस कार्यक्रम से परिचित है.

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर की. उन्होंने कहा कि 26 जुलाई ऐसी तारीख है जिसे याद रखने के लिए किसी कैलेंडर की जरूरत नहीं पड़ती. यह दिन भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश आज उन शहीदों को नमन कर रहा है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.

आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती रक्षा शक्ति का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लगातार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में भारतीय नौसेना में INS महेंद्रगिरि को शामिल किया गया है, जिसे पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है. इस आधुनिक युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है.

उन्होंने यह भी बताया कि इसी महीने डीआरडीओ (DRDO) ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया है. इसके अलावा कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण हुआ है. प्रधानमंत्री ने इन उपलब्धियों का श्रेय देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को दिया और कहा कि उनकी मेहनत से भारत रक्षा क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहा है.

रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत ने बढ़ाया कदम

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल से जुड़े बड़े समझौतों पर सहमति बनी है. इससे दुनिया में भारतीय रक्षा तकनीक और स्वदेशी सैन्य क्षमता पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि है.

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जल संरक्षण को सबसे बड़ा जन अभियान बताया. उन्होंने कहा कि 4 जुलाई से पूरे देश में वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का अभियान चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि गांवों, शहरों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया है. प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास किसी एक तालाब, कुएं या बावड़ी को बचाने की जिम्मेदारी लें. उनका कहना था कि आज बचाया गया पानी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा.

कृषि और किसानों से जुड़ी पहल का भी किया उल्लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार के 'मन की बात' कार्यक्रम में खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े एक प्रेरणादायक उदाहरण का भी जिक्र किया. उन्होंने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' की सराहना की.

उन्होंने बताया कि इस हर्बल चाय में लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक और औषधीय फसलों का उपयोग किया जाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि किसान और ग्रामीण महिलाएं केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि औषधीय पौधों (Medicinal Crops) और मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों (Value Added Agricultural Products) के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता को भी मजबूती देती हैं. प्रधानमंत्री ने देशभर के किसानों और स्वयं सहायता समूहों से स्थानीय कृषि उत्पादों को नए रूप में बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया.

कश्मीर की 'वागु' चटाई और छात्रों की सफलता का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक 'वागु' चटाई का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि यह चटाई सरकंडे और धान के पुआल से बनाई जाती है और सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग आज भी इस कला को जीवित रखे हुए हैं.

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय साइंस ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित जैसे विषयों में भारतीय विद्यार्थियों ने दुनिया में देश का नाम रोशन किया है.

पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेड़ केवल इंसानों के लिए नहीं बल्कि हजारों जीव-जंतुओं का घर भी होते हैं. उन्होंने बताया कि करीब 60 साल बाद गुजरात के गिर जंगलों में इंडियन ग्रे हॉर्नबिल पक्षी की वापसी हुई है. उन्होंने इसे जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने की अपील की.

त्रिपुरा के पारंपरिक संगीत की सराहना

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा के पारंपरिक संगीत को नई पहचान दिलाने वाले देब्बरमा जी की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की परंपराओं और लोक कलाओं को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है.

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को किया याद

प्रधानमंत्री ने कहा कि 27 जुलाई को भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है. उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक आदर्श शिक्षक भी थे. वे हमेशा युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करते थे. प्रधानमंत्री ने युवाओं से उनके विचारों को अपनाने की अपील की.

स्वतंत्रता दिवस से पहले दिया देशभक्ति का संदेश

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ ही दिनों बाद देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. उन्होंने सभी नागरिकों से स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को याद करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से आजादी के अमृत संदेश को आगे बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की.

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