मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले, सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,967 करोड़ से ज्यादा मंजूर

मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले, सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,967 करोड़ से ज्यादा मंजूर

मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने सिंचाई परियोजनाओं को लेकर बड़े फैसले किए हैं. जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197.58 करोड़, पार्वती रिन्सी के लिए 507.23 करोड़ और सुठालिया परियोजना के लिए 262.63 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 23, 2026,
  • Updated Sep 23, 2026, 10:24 AM IST

मध्य प्रदेश में खेती-किसानी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. कैबिनेट ने नीमच की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये, राजगढ़ की पार्वती रिन्सी परियोजना के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये और सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये की मंजूरी दी. इन परियोजनाओं से 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है. 

जावद-नीमच परियोजना के लिए 4,197 करोड़ से ज्यादा

कैबिनेट ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को आगामी पांच वर्षों यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए हैं. परियोजना के तहत दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा. इसका उद्देश्य पानी की बचत के साथ सिंचाई क्षमता और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है. 

सुठालिया परियोजना से 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ

राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. परियोजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के जरिए राजगढ़ जिले में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़ाना है. 

पार्वती रिन्सी परियोजना के लिए 507 करोड़ रुपये

राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की भी अगले पांच वर्षों तक निरंतरता को मंजूरी दी गई है. इसके लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. परियोजना के तहत बांध निर्माण के जरिए 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. 

2,800 मेगावॉट बिजली खरीद को मंजूरी

कृषि और अन्य क्षेत्रों की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए कैबिनेट ने 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. बिजली की खरीद मध्य प्रदेश में मौजूदा, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक टेंडर प्रक्रिया के जरिए की जाएगी. आगे की प्रक्रिया नियामक आयोग के अनुमोदन और आदेश के अनुसार होगी. 

140 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे CM स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी है. इन परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा जाएगा. हर परिसर के मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया है. 

ग्राम न्यायालय योजना के लिए 554 करोड़ रुपये

मंत्रि-परिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये मंजूर किए हैं. इस राशि से ग्राम न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन, भत्ते तथा कार्यालयीन खर्चों का भुगतान किया जाएगा. 

मध्य प्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 524 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी. 

परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना को भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह योजना मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित है. 

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित उच्च न्यायालय भारित योजना की निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है. यह स्वीकृति भी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए है. 

वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाएं जारी रहेंगी

वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री योजना, स्टॉम्पों की बिक्री और लागत, विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम और जिला एवं उप पंजीयक कार्यालयों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं. 

इंदौर डेंटल कॉलेज में 13 नए पद

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 नए शिक्षकीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इनमें एक प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक और दो सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं. इसके साथ बीडीएस की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य रखा गया है. 

3 जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के नए कार्यालय

कैबिनेट ने मैहर और पांढुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय तथा सिंगरौली के चितरंगी ब्लॉक में अनुविभागीय कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है. मैहर और पांढुर्णा में पांच-पांच नए स्थायी पद तथा दो-दो आउटसोर्स पद स्वीकृत किए गए हैं. चितरंगी कार्यालय के लिए तीन स्थायी पद और एक आउटसोर्स पद को मंजूरी दी गई है.

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