Kerala Budget: रबर-नारियल किसानों के लिए बड़ा ऐलान, जानिए बजट में कृषि, डेयरी सेक्‍टर और मछुआरों को क्‍या मिला

Kerala Budget: रबर-नारियल किसानों के लिए बड़ा ऐलान, जानिए बजट में कृषि, डेयरी सेक्‍टर और मछुआरों को क्‍या मिला

केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने 2.05 लाख करोड़ रुपये का संशोधित बजट 2026-27 पेश किया. कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,534.98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. रबर का समर्थन मूल्य 200 से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति किलो किया गया. नारियल खरीद केंद्र, कृषि सखी योजना, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र पर भी बड़ा फोकस रखा गया.

Agri Sector Budget FY 26-27 KeralaAgri Sector Budget FY 26-27 Kerala
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 19, 2026,
  • Updated Jun 19, 2026, 6:34 PM IST

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने आज  विधानसभा में 2,05,001.67 (2.05 लाख) करोड़ रुपये का संशोधित बजट 2026-27 पेश किया. मुख्यमंत्री और वित्‍त मंत्री वी.डी. सतीशन ने बजट भाषण में कहा कि उनकी सरकार की विकास  नीति कृषि और संबंधित क्षेत्रों पर आधारित होगी. राज्‍य 5.07 लाख करोड़ रुपये के कर्ज दबाव से गुजर रहा है. एक ओर राजस्व घाटा बढ़ रहा है और दूसरी ओर पूंजीगत निवेश भी सीमित है. इन आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार ने खेती, पशुपालन, डेयरी और मछुआरों से जुड़े कुछ अहम फैसले लिए हैं. राज्‍य सरकार ने कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए कुल 1,534.98 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इसकी मदद से तकनीकी विकास, बाजार तक पहुंच और महिला किसानों की भागीदारी को बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा.

रबर किसानों को मिली बड़ी राहत

रबर किसानों के लिए यह बजट एक अच्छी खबर लेकर आया है. रबर प्रोडक्शन इंसेंटिव स्कीम के तहत समर्थन मूल्य 200 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है. यह 25 प्रतिशत की वृद्धि है. लंबे समय से गिरती कीमतों के चलते संकट में फंसे रबर किसानों को इस कदम से बेहतर आय मिलेगी. उत्पादन बनाए रखने में भी यह मदद करेगा.

नारियल किसानों के लिए खरीद नेटवर्क विस्तार

नारियल की खेती करने वाले किसानों के लिए भी सरकार ने योजना बनाई है. राज्य स्तर पर नए नारियल खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इससे किसान सीधे अपनी फसल बेच सकेंगे और बेहतर दाम पाएंगे. साथ ही सरकार ने युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने के लिए अलग से योजना तैयार करने की घोषणा की है.

महिला किसानों के लिए कृषि सखी योजना

इस बजट का एक बड़ा अनाउंसमेंट महिला किसानों के लिए भी रहा. राज्‍य सरकार ने "कृषि सखी - वीमेन फार्मर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम" शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत महिला किसान समूहों और महिला कृषि उद्यमों को विशेष सहायता दी जाएगी. यह कदम केरल में कृषि को पारिवारिक व्यवसाय से एक आधुनिक उद्यम में बदलने की कोशिश है.

ड्रोन और एआई से खेती होगी और भी आधुनिक

सरकार कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकें जोड़ने जा रही है. इससे उत्पादकता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और जलवायु परिवर्तन के खतरों से खेती को बचाया जा सकेगा. कृषि पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

पशुपालन क्षेत्र को 259 करोड़ का बजट

बजट में पशुपालन क्षेत्र के विकास के लिए 258.88 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें पशुपालन विभाग को 137.24 करोड़, लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड को 29.89 करोड़, पोल्ट्री कॉरपोरेशन को 8 करोड़ और पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को 52 करोड़ रुपये मिलेंगे.

केरल चिकन प्रोजेक्ट के तहत कोल्लम जिले में एक आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जाएगा जो प्रति घंटे 1,000 मुर्गियों को प्रोसेस कर सकेगा. इसके साथ एक पेट फूड फैक्ट्री भी लगाई जाएगी. शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए "पोल्ट्री रीयरिंग इन केज" योजना लाई जाएगी. इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और अंडा उत्पादन में भी वृद्धि होगी.

दूध उत्‍पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्‍य

बजट में डेयरी विकास के लिए 102.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सरकार का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है कि अगले तीन साल में दूध का उत्पादन बढ़ाकर 1 करोड़ लीटर प्रतिदिन किया जाए. अभी केरल में रोजाना 70 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, जबकि जरूरत 86 लाख लीटर की है. अतिरिक्त दूध से मूल्य संवर्धित उत्पाद भी बनाए जाएंगे. डेयरी किसानों के लिए "क्षीर संत्वनम" योजना भी चलाई जाएगी.

मछुआरों के लिए 250 करोड़ का पैकेज

मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए कुल 200.93 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें मत्स्य विभाग को 133.43 करोड़, हार्बर इंजीनियरिंग को 34 करोड़ और फिशरीज यूनिवर्सिटी को 33.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा मत्स्य विभाग की विभिन्न गतिविधियों के लिए 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं. इस प्रकार कुल 250 करोड़ रुपये से अधिक का एक व्यापक पैकेज तैयार किया गया है.

मछुआरों को मिलेंगी ये सुविधाएं

मछलियों की उपलब्धता में आई गिरावट, जलवायु परिवर्तन और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण मछुआरे कठिन समय से गुजर रहे हैं. सरकार ने उनके लिए एक विशेष मत्स्य उप-योजना बनाई है. दुर्घटना बीमा को व्यापक तरीके से संशोधित किया जाएगा. मछुआरों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विदेश में अध्ययन के अवसर दिए जाएंगे. तेजी से बचाव संचालन के लिए समर्पित बचाव नावें दी जाएंगी. महिला मछुआरों  को "शी स्कूटर" दिए जाएंगे, ताकि वे आसानी से अपनी मछली बेच सकें.

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