ISMA ने चीनी निर्यात को मंजूरी के फैसले का किया स्वागत, MSP बढ़ाने और इथेनॉल मूल्य सुधार की मांग की

ISMA ने चीनी निर्यात को मंजूरी के फैसले का किया स्वागत, MSP बढ़ाने और इथेनॉल मूल्य सुधार की मांग की

सरकार ने 2025–26 सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी निर्यात की दी मंजूरी. ISMA बोला — मिलों की स्थिरता और गन्ना किसानों के भुगतान के लिए MSP 41 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाई जाए.

ISMA asks clarity on sugar export policyISMA asks clarity on sugar export policy
क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Nov 10, 2025,
  • Updated Nov 10, 2025, 5:52 PM IST

भारतीय चीनी एवं बायो-एनर्जी निर्माता संघ (ISMA) ने सरकार द्वारा 2025–26 शुगर सीजन (SS) के लिए 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति देने के फैसले का स्वागत किया है. संगठन का कहना है कि यह निर्णय समय पर लिया गया है, जिससे मिलें उत्पादन की बेहतर योजना बना सकेंगी और सरप्लस चीनी को वैश्विक बाजारों में भेजकर घरेलू कीमतों को स्थिर रख पाएंगी.

ISMA के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, इस सीजन में भारत का नेट चीनी उत्पादन 309.5 लाख टन रहने की उम्मीद है, जिसमें 34 लाख टन चीनी इथेनॉल निर्माण के लिए डायवर्ट की जाएगी. घरेलू खपत लगभग 285 लाख टन रहने का अनुमान है, जिससे 74.5 लाख टन का स्टॉक बचेगा. यानी और निर्यात की गुंजाइश बनी रहेगी.

चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य में संशोधन की मांग

ISMA ने सरकार से चीनी का न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) तत्काल संशोधित करने की मांग की है, जो छह वर्षों से जस का तस है. गन्ना कीमतों में हालिया बढ़ोतरी से उत्पादन लागत 41.7 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. संगठन का कहना है कि MSP बढ़ाने से मिलों की वित्तीय सेहत सुधरेगी और किसानों को समय पर भुगतान मिल सकेगा.

संगठन ने इथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाने और चीनी क्षेत्र को आवंटन बढ़ाने की भी मांग की है. वर्तमान में चीनी उद्योग को केवल 289 करोड़ लीटर (27.5 परसेंट) इथेनॉल आवंटन मिला है, जिससे डिस्टिलरी क्षमता का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है. ISMA ने आग्रह किया कि इथेनॉल आवंटन को NITI Aayog की EBP रोडमैप के अनुसार 55 फीसद तक बढ़ाया जाए.

MSP और इथेनॉल कीमतों में संशोधन

ISMA के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, “सरकार का निर्यात को अनुमति देने का फैसला सराहनीय है. अब जरूरत है कि MSP और इथेनॉल कीमतों में संशोधन किया जाए ताकि उद्योग वित्तीय रूप से टिकाऊ बने और किसानों को समय पर भुगतान मिल सके.”

संघ का मानना है कि चीनी MSP को 40–41 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ाना, इथेनॉल मूल्य निर्धारण में सुधार और संतुलित आवंटन नीति अपनाना — उद्योग की लंबे समय तक स्थिरता के लिए अहम कदम होंगे.

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