कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पर सरकार का ब्रेक, किसानों को कब मिलेगी बड़ी सौगात?

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पर सरकार का ब्रेक, किसानों को कब मिलेगी बड़ी सौगात?

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत लोन लिमिट को ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का प्रस्ताव अभी अधर में लटका हुआ है. महंगाई और बढ़ती लागत के बीच, किसान और कृषि उद्यमी बजट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. इस रिपोर्ट में आसान भाषा में स्कीम की प्रगति, देरी के कारणों और भविष्य की उम्मीदों को समझें.

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड क्यों अटका?कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड क्यों अटका?
क‍िसान तक
  • Noida ,
  • Jan 22, 2026,
  • Updated Jan 22, 2026, 10:37 AM IST

भारत सरकार किसानों और खेती से जुड़े कामों को आसान बनाने के लिए कई योजनाएं चलाती है. इन्हीं में से एक है कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Agri Infrastructure Fund- AIF). अब सरकार इस योजना के तहत मिलने वाले लोन की सीमा को ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने की योजना बना रही है, लेकिन फिलहाल यह प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है. माना जा रहा है कि यह फैसला 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में हो सकता है, लेकिन अभी इस पर पूरी तरह से सहमति नहीं बन पाई है.

क्या है कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड?

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत मई 2020 में कोरोना महामारी के समय की गई थी. इस योजना का मकसद गांवों में खेती से जुड़ा ढांचा मजबूत करना है. जैसे-

  • गोदाम बनाना,
  • कोल्ड स्टोरेज तैयार करना,
  • फसल को रखने और बेचने की सुविधाएं बढ़ाना.

इस योजना के तहत सरकार कुल ₹1 लाख करोड़ तक का फंड देती है. अभी इसमें ₹2 करोड़ तक के लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलती है और लोन को 7 साल तक चुकाने की सुविधा होती है.

सीमा बढ़ाने की जरूरत क्यों महसूस हुई?

आज के समय में महंगाई बढ़ गई है. गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और दूसरी सुविधाएं बनाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है. इसी वजह से सरकारी अधिकारी चाहते थे कि लोन की सीमा बढ़ाकर ₹5 करोड़ की जाए, ताकि बड़े और अच्छे प्रोजेक्ट बनाए जा सकें. लेकिन यह प्रस्ताव इसलिए अटक गया क्योंकि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा बढ़ाने का फैसला अब तक लागू नहीं हो पाया.

किसान क्रेडिट कार्ड से क्यों जुड़ा है मामला?

पिछले बजट में सरकार ने कहा था कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाले लोन की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जाएगी. लेकिन अब तक यह लागू नहीं हो सका. सरकार का मानना है कि जब KCC की सीमा नहीं बढ़ पाई, तो AIF की सीमा बढ़ाना भी फिलहाल ठीक नहीं है. हालांकि, अभी भी उम्मीद है कि बजट में इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है.

फिर भी योजना का अच्छा फायदा

हालांकि सीमा बढ़ाने का फैसला अटका हुआ है, फिर भी कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का उपयोग बहुत अच्छे से हो रहा है. अब तक बैंकों ने 1.5 लाख से ज्यादा प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं. करीब ₹80,000 करोड़ के लोन स्वीकृत हुए हैं और ₹59,000 करोड़ किसानों और उद्यमियों को मिल भी चुके हैं.

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इस योजना से सबसे ज्यादा काम हुआ है. इन राज्यों में हजारों गोदाम और अन्य सुविधाएं बनी हैं.

क्या है विशेषज्ञों की राय

कृषि मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि जो योजनाएं अच्छा काम कर रही हैं, उन्हें और मजबूत करना चाहिए. उनका मानना है कि अगर AIF की सीमा बढ़ाई जाती है, तो गांवों में और ज्यादा काम होगा, लोगों को रोजगार मिलेगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी. बार-बार घोषणाएं करके उन्हें लागू न करना सरकार की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है.

पिछले बजट की बाकी घोषणाएं भी अधूरी

पिछले बजट में सरकार ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए एक मिशन और अच्छे बीजों के लिए राष्ट्रीय योजना की भी बात की थी. लेकिन ये योजनाएं भी अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाई हैं.

अब सबकी नजर आने वाले बजट पर है. अगर सरकार AIF की सीमा बढ़ाने का फैसला करती है, तो इससे किसानों, व्यापारियों और गांवों को बड़ा फायदा हो सकता है. आसान शब्दों में कहें तो, यह योजना खेती को और मजबूत बनाने की एक कोशिश है, और अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो देश के किसानों का भविष्य और बेहतर हो सकता है.

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