
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की अपील पर गुरुवार को देशभर में जिला मुख्यालयों पर किसानों ने बड़ी संख्या में इकट्ठे हो कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में खेती-किसानी की बड़ी मांगों को उठाया गया और उसे जल्द से जल्द निपटाने की मांग की गई. किसानों ने ज्ञापन में लिखा कि राष्ट्रपति से उम्मीद है कि वे केंद्र सरकार को निर्देश देंगी ताकि उनकी लंबित मांगें मान ली जाएं.
ज्ञापन में किसानों ने 4 मुख्य मांगें उठाई हैं, जो इस प्रकार हैं-
1-रबी सीजन की फसलों विशेषकर गेहूं और सरसों की MSP पर खरीद सुनिश्चित की जाए. किसानों ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने अनुचित नियम लागू कर गेहूं की खरीद की प्रक्रिया को अव्यावहारिक और जटिल बना दिया है जिससे किसानों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
गेट पास के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर उसकी फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया में बहुत समय लगेगा. इसकी वजह से मंडियों के बाहर लंबा जाम लग जाएगा. इस तरीके के नियम किसानों को परेशान और परेशान करने के लिए बनाए जा रहे हैं जिन्हें तुरंत वापस लिया जाए.
2-आलू के दाम गिरने की वजह से किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो रही है जिस से किसान आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं. हालिया समय में आलू के किसानों जैसे जसकरण सिंह और जसविंदर सिंह (पंजाब), सोनपीर सिंह कुशवाहा और विकास चौधरी (उत्तर प्रदेश) द्वारा की गई आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. ऐसे हालात में आलू किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को स्पेशल राहत पैकेज जारी करना चाहिए. साथ ही उचित दामों पर आलू की खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए.
3-भारत-अमेरिका के बीच होने जा रहे प्रस्तावित व्यापार समझौते में खेती, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही, अमेरिका से खाद्य और कृषि उत्पादों के आयात पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए.
4-किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं.
इन मांगों को लेकर किसान लगातार अभियान चला रहे हैं और स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. इसी कड़ी में किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने अभियान को और तेज कर दिया है. अभी इसे जिला स्तर पर चलाया जा रहा है जिसमें किसानों की अच्छी-खासी भागीदारी देखी जा रही है. पंजाब और हरियाणा में बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. पंजाब में इस अभियान में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी शामिल हुए और ज्ञापन सौंपा.