
मेरठ में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां नकली और मिलावटी पनीर बनाने का काम चल रहा था. यह काम दो सगे भाई, जाबिर और हामिद, कर रहे थे. दोनों अलग-अलग जगह पर अपनी फैक्ट्री चला रहे थे और वहां नकली पनीर बना रहे थे. जब खाद्य विभाग और पुलिस को इसकी खबर मिली, तो उन्होंने मिलकर छापा मारा.
खाद्य विभाग को पहले से ही शक था कि मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के नगला कुंभा गांव में कुछ गलत हो रहा है. इस बारे में लखनऊ में शिकायत भेजी गई. इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने एक टीम बनाई. यह टीम गुरुवार को गांव में पहुंची और अचानक छापेमारी की.
जब टीम ने दोनों फैक्ट्रियों में जांच की, तो वहां बहुत बड़ी मात्रा में नकली पनीर मिला. हामिद की फैक्ट्री से 16 कुंतल और जाबिर की फैक्ट्री से 12 कुंतल नकली पनीर बरामद हुआ. इतना ही नहीं, वहां कई तरह के केमिकल और अन्य सामान भी मिले, जिनकी मदद से यह नकली पनीर बनाया जा रहा था.
जांच में यह भी सामने आया कि वहां 5300 लीटर दूध, 500 लीटर गर्म दूध, 510 लीटर पामोलिन तेल, 35 किलो मैदा और कुछ संदिग्ध तरल पदार्थ भी मौजूद थे. इन सब चीजों का इस्तेमाल करके नकली डेयरी प्रोडक्ट बनाए जा रहे थे.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह नकली पनीर दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी के एनसीआर इलाकों में भेजा जा रहा था. यानी बहुत सारे लोग अनजाने में इस मिलावटी पनीर को खा रहे थे, जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है.
जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, दोनों आरोपी मौके से भाग गए. पुलिस अब उनकी तलाश कर रही है. उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है. खाद्य विभाग ने सभी नमूनों को जांच के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं.
मेरठ में नकली पनीर बनाने वाले इस बड़े नेटवर्क का खुलासा होना बहुत जरूरी था. इससे कई लोगों की सेहत को बचाया जा सकेगा. सरकार और विभाग की इस कार्रवाई से ऐसे गलत काम करने वालों को सख्त संदेश गया है.