STIHL किसान सम्मान कार्यक्रम में इनोवेशन और खेती पर हुई खास चर्चा, Kisan Tak के साथ PAU लुधियाना में सजा किसानों का बड़ा मंच

STIHL किसान सम्मान कार्यक्रम में इनोवेशन और खेती पर हुई खास चर्चा, Kisan Tak के साथ PAU लुधियाना में सजा किसानों का बड़ा मंच

PAU लुधियाना में किसान तक, ICAR, IIMR और STIHL के संयुक्त कार्यक्रम में किसानों को खरीफ सीजन के लिए मक्का खेती की नई तकनीकों और आधुनिक कृषि समाधान की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में खेती, डेयरी, एफपीओ, महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार में बेहतर काम करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया.

Kisan Tak Programme PAU LudhianaKisan Tak Programme PAU Ludhiana
क‍िसान तक
  • लुधियाना,
  • Jun 03, 2026,
  • Updated Jun 03, 2026, 4:17 PM IST

आंड्रियास STIHL प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपनी किसान-केंद्रित पहल "STIHL किसान सम्मान" के अंतर्गत पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना के पाल ऑडिटोरियम में बुधवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन Kisan Tak, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) - भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR) के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, मक्का विशेषज्ञ, एफपीओ प्रतिनिधि, डेयरी उद्यमी और कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया. STIHL किसान सम्मान का उद्देश्य देशभर के उन प्रगतिशील किसानों, कृषि उद्यमियों, महिला किसानों और कृषि इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को पहचान देना और सम्मानित करना है, जिन्होंने आधुनिक तकनीकों, कृषि मशीनीकरण, सतत कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और प्रभावी बनाया है.

आंड्रियास STIHL प्राइवेट लिमिटेड लंबे समय से किसानों को विश्वस्तरीय कृषि एवं बागवानी उपकरण उपलब्ध कराकर खेती में उत्पादकता, दक्षता और आधुनिक मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. कंपनी का मानना है कि आधुनिक कृषि उपकरणों और वैज्ञानिक खेती के समन्वय से ही किसानों की आय और कृषि की स्थिरता को मजबूत किया जा सकता है.

कार्यक्रम में जुटे कृषि क्षेत्र के दिग्गज

कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर ICAR-IIMR और ICAR-CIPHET के निदेशक डॉ. नचिकेत कोटवालीवाले शामिल हुए. साथ ही विशिष्ट अतिथि के तौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और विस्तार शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ. माखन सिंह भुल्लर ने भी शिरकत की. कार्यक्रम में आंड्रियास STIHL प्राइवेट लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रमुख धीरज कुमार सविता और STIHL इंडिया के ट्रेड मार्केटिंग मैनेजर, प्रदुम्न चतुर्वेदी भी मौजूद रहे. इसके अलावा ICAR-IIMR के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार, ICAR-IIMR के वरिष्ठ वैज्ञानिक और पीआई-आउटरीच एवं एग्रोनॉमी के नोडल अधिकारी डॉ. एस. एल. जाट भी मौजूद रहे. PAU के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमनदीप सिंह सरां और साथ में ICAR-CIPHET में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रभाग के प्रमुख डॉ. रंजीत सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता दिखाई. 

इस कार्यक्रम में खरीफ सीजन को फोकस में रखकर बेहद खास चर्चा हुई. इस दौरान मक्‍का एक्स्पर्ट ने किसानों को मक्के की खेत पर बेहद काम की टिप्स दी. आयोजन में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों को मक्का वैज्ञानिकों ने मक्के की खेती से जुड़ी कई नई जानकारी साझा की.

किसानों को किया गया सम्‍मानित

इस अवसर पर खेती, डेयरी, प्राकृतिक कृषि, कृषि उद्यमिता, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को STIHL किसान सम्मान अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य उन किसानों को पहचान देना था, जिन्होंने आधुनिक तकनीकों, नवाचार और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाकर दूसरों के लिए मिसाल कायम की है.

महिला किसानों का बढ़ाया सम्मान

'कृषि में नारी शक्ति' श्रेणी के तहत पंजाब के मोगा जिले की परमजीत कौर को बेस्ट वूमेन फार्मर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. परमजीत कौर डेयरी और सब्जी उत्पादन के साथ-साथ महिला किसान उत्पादक कंपनी का संचालन कर रही हैं और किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं भी उपलब्ध करा रही हैं. वहीं, 'सशक्त महिला, समृद्ध कृषि और उद्यम' श्रेणी में कमलजीत कौर को सम्मानित किया गया. वे महिला किसान उत्पादक कंपनी से जुड़ी हैं और किचन गार्डनिंग तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं.

एफपीओ मॉडल को मिला सम्मान

किसानों को संगठित कर बेहतर बाजार और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले किसान उत्पादक संगठनों की भूमिका को भी सराहा गया. इस श्रेणी में सुखजीत सिंह को सम्मानित किया गया. उन्होंने वैज्ञानिक खेती अपनाते हुए आलू मिनी ट्यूबर उत्पादन, मैरीगोल्ड नर्सरी और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है. इसी श्रेणी में गुरनेक सिंह को भी सम्मान मिला, जो अपने एफपीओ के माध्यम से किसानों को ड्रोन स्प्रेइंग, कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराने और साइलेज उत्पादन जैसी सेवाएं दे रहे हैं.

कृषि उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा

'खेती से व्यवसाय तक सफलता की नई पहचान' श्रेणी में हरजिंदर संधू को बेस्ट एंटरप्रेन्योर फार्मर अवॉर्ड दिया गया. 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खेती कर रहे हरजिंदर संधू ने आलू और धान आधारित व्यावसायिक खेती के जरिए कृषि उद्यमिता का सफल मॉडल विकसित किया है.

वहीं 'कृषि नवाचार और आधुनिक सोच के अग्रदूत' श्रेणी में गुरमिंदर सिंह को सम्मानित किया गया. वे डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR), ड्रोन तकनीक, साइलेज उत्पादन और फसल अवशेष प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रहे हैं.

डेयरी और प्रगतिशील किसानों को मिली पहचान

डेयरी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बलविंदर सिंह को बेस्ट डेयरी फार्मर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. वे करीब 140 पशुओं वाली आधुनिक डेयरी का संचालन करते हैं और वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन को बढ़ावा दे रहे हैं. वहीं 'नई सोच, नई तकनीक, नई पहचान' श्रेणी में शाहरनवीर को बेस्ट प्रोग्रेसिव फार्मर चुना गया. वे आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों और नई तकनीकों के उपयोग के लिए जाने जाते हैं.

वैल्यू एडिशन और प्राकृतिक खेती को मिला सम्मान

पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गुरमीत कौर को सम्मानित किया गया. उन्होंने कृषि प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है.

युवा किसानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से कुलजिंदर सिंह को बेस्ट यंग फार्मर अवॉर्ड प्रदान किया गया. उन्होंने सुपर सीडर मशीन के जरिए फसल अवशेष प्रबंधन और पराली जलाने की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

इसके अलावा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले गुरमित्रा सिंह को भी कार्यक्रम में विशेष पहचान मिली. वे वर्ष 2007 से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और रासायनिक मुक्त खेती के माध्यम से किसानों को प्रेरित कर रहे हैं.

किसानों के लिए प्रेरणा बना कार्यक्रम

कार्यक्रम में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने कहा कि देश की कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने में ऐसे प्रगतिशील किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है. STIHL किसान सम्मान अवॉर्ड्स न केवल किसानों के प्रयासों को सम्मान देते हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी नवाचार और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं.

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कृषि तकनीक, मशीनीकरण, डेयरी प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और एफपीओ मॉडल से जुड़ी जानकारियां भी साझा कीं. बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने सम्मानित किसानों के अनुभवों को सुना और उन्हें अपने खेतों में अपनाने की इच्छा जताई.

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